वित्त मंत्रालय ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से बढ़ती वित्तीय धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के ‘म्यूलहंटर डॉट एआई’ सहित कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों का इस्तेमाल करने को कहा। वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू की अध्यक्षता में हुई बैठक में बैंकों से सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने, अत्याधुनिक उपकरणों का लाभ उठाने और म्यूल (फर्जी) खातों से निपटने के लिए बैंकों के बीच सहयोग बढ़ाने को कहा।
वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने एक्स पर पोस्ट किया, ”नागरिकों की मेहनत की कमाई की सुरक्षा के लिए सक्रिय उपाय किए जाने चाहिए।” उन्होंने कहा कि यह हमारी साझा जिम्मेदारी है। इससे पहले दिन में आरबीआई ने बैंकों से कहा कि वे उसकी पहल ‘म्यूलहंटर डॉट एआई’ के साथ सहयोग करें, ताकि वित्तीय धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले म्यूल खातों (फर्जी खातों) को हटाया जा सके। म्यूल खाता एक बैंक खाता है, जिसका इस्तेमाल अपराधी अवैध तरीके से पैसा लूटने के लिए करते हैं। गुमनाम व्यक्ति इन खातों को खोलकर इसमें लोगों से ठगी के पैसे जमा करवाते हैं। इन खातों से धन हस्तांतरण का पता लगाना और उसे वापस पाना मुश्किल होता है।
बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में एक बार फिर हवा का कम दबाव का क्षेत्र…
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विद्यार्थियों का विरोध प्रदर्शन और तेज…
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी-एनटीए ने इस वर्ष जून में हुई यूजीसी-नेट परीक्षा के 84 विषयों के…
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी…
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज चेन्नई के पास चेंगलपट्टू के कट्टनकुलथुर में स्थित एसआरएम…
16 अगस्त 2026 को लगभग 0930 बजे, श्री कमलेश केदारनाथ राय नामक एक यात्री जो…