दिल्ली में पांच और छह नवंबर को आयोजित होने वाले बौद्ध शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए एशियाभर से बौद्ध धर्म से जुड़े विभिन्न संघ नेता, विद्वान और अनुयायी एकत्रित होंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य बौद्ध समुदाय के समक्ष मौजूद समकालीन चुनौतियों पर चर्चा करना और उनका हल निकालना है।
संस्कृति मंत्रालय द्वारा अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) के सहयोग से आयोजित किए जाने वाले पहले एशियाई बौद्ध शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने की उम्मीद है। मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि शिखर सम्मेलन का विषय ‘एशिया को मजबूत बनाने में बौद्ध धर्म की भूमिका’ है।
बयान में कहा गया है कि शिखर सम्मेलन में एशिया भर से बौद्ध धर्म के संघ नेता, विद्वान, विशेषज्ञ और अनुयायी संवाद एवं समझ को बढ़ावा देने और बौद्ध समुदाय के समक्ष मौजूद समकालीन चुनौतियों को हल करने के लिए एक साथ आएंगे। बयान में कहा गया कि बौद्ध धर्म भारत की संस्कृति के एक मूल्यवान घटक के रूप में उभरा है, जिसने देश को दृढ़ विदेश नीति और प्रभावी राजनयिक संबंध विकसित करने में सहायता की है।
18वां ब्रिक्स सम्मेलन आज से नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू होगा। दो दिनों…
सऊदी अरब ने कहा है कि ड्रोन हमले के एक दिन बाद उसने देश भर…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक व्यापार को सुचारु बनाए रखने के लिए सुरक्षित समुद्री मार्ग,…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव…
यूरोपीय आयोग ने आज भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर और इसे…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के…