दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सी.ए.क्यू.एम.) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी ग्रैप-एक के पहले चरण को लागू कर दिया है।
आयोग ने कहा कि मंगलवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 179 दर्ज किया गया था, जो मध्यम श्रेणी में आता है। बुधवार को दोपहर दो बजे यह बढ़कर 244 हो गया, जो खराब श्रेणी में है। आयोग ने कहा कि मौसम विभाग और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में भी वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में रहने की आशंका है।
ग्रैप-एक के तहत होटल, रेस्तरां और खुले भोजनालयों के तंदूर में ईंधन के रूप में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। वहीं, डीजल जनरेटर का इस्तेमाल केवल आपातकालीन या आवश्यक परिस्थितियों में किया जा सकेगा।
ग्रैप वायु प्रदूषण को और बढ़ने से रोकने के लिए लागू किए जाने वाले आपातकालीन उपायों की एक व्यवस्था है। इसके तहत वायु गुणवत्ता सूचकांक 201 से 300 के बीच होने पर पहला चरण, 301 से 400 के बीच दूसरा चरण और 401 से 450 के बीच तीसरा चरण लागू किया जाता है। सूचकांक 450 से ऊपर जाने पर चौथा चरण लागू होता है।





