जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत पेयजल और स्वच्छता विभाग का डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय जल एवं स्वच्छता संस्थान (एसपीएम-एनआईडब्ल्यूएएस), अंडमान लोक निर्माण विभाग (एपीडब्ल्यूडी) के सहयोग से 24 फरवरी से 28 फरवरी 2025 तक अभियन्ताओं (जेई) और सहायक अभियन्ताओं (एई) के लिए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के संचालन और प्रबंधन पर पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य अव्यवस्थित संचालन और रखरखाव (ओ एंड एम) कार्य प्रणालियों के कारण होने वाली चुनौतियों को पहचानते हुए, इस पाठ्यक्रम के माध्यम से अभियन्ताओं को आवश्यक कौशल और ज्ञान से परिपूर्ण करने पर ध्यान केंद्रित करता है ताकि सिस्टम की अकुशलता, गैर-राजस्व जल (एनआरडब्ल्यू), ऊर्जा खपत और अपर्याप्त सामुदायिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान निकाला जा सके।
यह प्रशिक्षण मॉड्यूल चरणबद्ध तरीके से अन्य सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित किया जाएगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह सरकार के मुख्य सचिव, चंद्र भूषण कुमार, आईएएस ने उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जल आपूर्ति योजनाओं की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र अभियन्ताओं के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आपूर्ति प्रबंधन पर बहुत कार्य किया गया है और अब इसके मांग पक्ष प्रबंधन पर कार्य करना आवश्यक है।
प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का उद्देश्य जलापूर्ति योजनाओं के प्रभावी प्रबंधन में अंडमान और निकोबार प्रशासन के कनिष्ठ अभियन्ताओं (जेई) और सहायक अभियन्ताओं (एई) की परिचालन और प्रबंधकीय क्षमताओं को बढ़ाना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की विषय-वस्तु को एसपीएम निवास के विशेषज्ञों की एक टीम ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की आवश्यकताओं के अनुसार एपीडब्ल्यूडी अधिकारियों के साथ चर्चा करके तैयार किया है, जिसमें निम्नलिखित विषय शामिल हैं:-
प्रियतु मंडल, आईएएस, संयुक्त सचिव सह निदेशक एवं प्रमुख, एसपीएम निवास वर्चुअल रूप से उद्घाटन सत्र में शामिल हुए। अपने ऑनलाइन संबोधन में, प्रियतु मंडल ने उल्लेख किया कि एसपीएम निवास जल एवं स्वच्छता क्षेत्रों में ज्ञान एवं क्षमता को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित एक प्रमुख संस्थान है।
उद्घाटन सत्र के दौरान अर्जुन शर्मा, आईएएस, सचिव ग्रामीण विकास, अजहरुद्दीन जहीरुद्दीन काजी, आईएएस, सचिव, पीबीएमसी, मोहम्मद इश्फाक, (सेवानिवृत्त आईएएस), सलाहकार, एसपीएम एनआईडब्ल्यूएएस, टीके प्रिजित रे, मुख्य अभियंता, एपीडब्ल्यूडी, विनय हर्षवाल, नोडल अधिकारी, एसपीएम-एनआईडब्ल्यूएएस और अबिरामी देवदास, प्रधान वैज्ञानिक, आईसीसीडब्ल्यू उपस्थित थे।
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