झारखंड में जारी विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा और TDPL द्वारा संचालित सभी अन्य भर्ती परीक्षाएं रद्द की
झारखंड में जेपीएससी`और जेएसएससी उम्मीदवारों के 24 दिन से जारी विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा 2024 और टीडीपीएल एजेंसी द्वारा संचालित सभी प्रतियोगी परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कल शाम मंत्रिमंडल की विशेष बैठक के बाद यह घोषणा की।
पूरी तरीके से इसका ऑपरेशन होना चाहिए, जो हमे जानकारी सीजीएल को लेकर हम लोग के समक्ष बताया गया और उस तथ्य को समझ बूझने के बाद कैबिनेट ने जेपीएससी, सीजीएल को भी रद्द करने का निर्णय लिया।
सरकार ने वर्ष 2014 से अब तक की भर्ती प्रक्रियाओं की जांच कराने के साथ परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में समिति गठित करने का भी निर्णय लिया है।
इस बीच, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के साथ विधायक जयराम कुमार ने सदर अस्पताल पहुंचकर देवेंद्र नाथ महतो और अन्य आंदोलनरत छात्रों को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया। देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार के फैसले का स्वागत किया और जेपीएससी-जेएसएससी न्याय मंच ने फिलहाल आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की।
वहीं, छात्र नेता रविंद्र पासवान ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच का आदेश होने तक रिफॉर्म मंच का आंदोलन जारी रहेगा। सरकार के फैसले के बाद जेएसएससी-सीजीएल के जरिए पहले से नियुक्त अभ्यर्थियों ने भी विरोध जताया और रांची के प्रोजेक्ट भवन के बाहर जुटकर अपनी नौकरी और भविष्य को लेकर चिंता जाहिर की।





