झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन और उनके पुत्र बाबूलाल सोरेन कल रांची में आयोजित एक समारोह में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गये। इस कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी, शिवराज सिंह चौहान और हिमंता बिस्वा सरमा सहित अन्य नेता मौजूद थे।
इस अवसर पर चंपई सोरेन ने कहा कि वह आदिवासी पहचान और इसके अस्तित्व को बचाने के लिए भाजपा में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से घुसपैठ के कारण प्रदेश का संथाल परगना क्षेत्र खतरे में आ गया है। चंपई सोरेन ने कहा कि घुसपैठ ने राज्य की जनसांख्यिकी बदल दी है।
झारखंड का भी विकास और बांग्लादेश से घुसपैठ निश्चित रूप से रुकेगी। पार्टी तय करेगी कि हमें किस तरह का काम मिलता है, हम उसे ईमानदारी से पूरा करेंगे।
चंपई सोरेन ने बुधवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा से इस्तीफा दे दिया था। चंपई सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के अनुभवी नेता और राज्य के तीन बार मुख्यमंत्री रहे शिबू सोरेन के लंबे समय तक सहयोगी रहे।
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