भारत

सशस्त्र बलों के लिए विश्वसनीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ETAI) की रूपरेखा तथा दिशानिर्देशों का अनावरण

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के अध्यक्ष डॉ समीर वी कामत ने 17 अक्टूबर, 2024 को नई दिल्ली में सशस्त्र बलों के लिए विश्वसनीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ईटीएआई) की रूपरेखा तथा दिशानिर्देशों का अनावरण किया। ईटीएआई फ्रेमवर्क और दिशानिर्देश महत्वपूर्ण रक्षा गतिविधियों में विश्वसनीय एआई को एकीकृत करने के देश के दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने अपने संबोधन में भरोसेमंद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शामिल करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा है कि हाल के वैश्विक संघर्षों ने यह प्रदर्शित किया है कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधुनिक युद्ध में क्रांति ला रहा है। जनरल अनिल चौहान ने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया है कि ये प्रणालियां न केवल अपेक्षित रूप से कार्य करती हों, बल्कि विरोधियों के हमलों के प्रति भी लचीली हों। उन्होंने ईटीएआई फ्रेमवर्क विकसित करने के लिए वैज्ञानिक समूह को बधाई दी और रक्षा अनुप्रयोगों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की विश्वसनीयता बढ़ाने में उनके प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि विश्वसनीयता एवं मजबूती अब वैकल्पिक नहीं रह गई है, बल्कि यह मिशन विफलताओं और अप्रत्याशित परिणामों को रोकने के लिए आवश्यक है। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि भविष्य के अभियानों की सफलता के लिए एआई अनुप्रयोगों का विश्वसनीय, मजबूत, पारदर्शी व सुरक्षित होना आवश्यक है।

माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कम्प्यूटेशनल सिस्टम एवं साइबर सिस्टम की महानिदेशक तथा प्रतिष्ठित वैज्ञानिक सुमा वरुगीस ने कहा कि ईटीएआई फ्रेमवर्क एक जोखिम-आधारित मूल्यांकन फ्रेमवर्क है, जिसे विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र के लिए विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके सिद्धांत, मानदंड और उपाय अन्य क्षेत्रों पर भी समान रूप से लागू होते हैं। सुमा वरुगीस ने कहा कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन इस ढांचे के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और उन्होंने आश्वासन भी दिया कि इसकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।

ईटीएआई फ्रेमवर्क पांच व्यापक सिद्धांतों पर केंद्रित है, जिनमें विश्वसनीयता एवं मजबूती, सुरक्षा व संरक्षा, पारदर्शिता, निष्पक्षता और गोपनीयता शामिल हैं। यह भरोसेमंद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मूल्यांकन के लिए मानदंडों के एक व्यापक सेट को परिभाषित करता है। इस ढांचे के पूरक के रूप में, ईटीएआई दिशानिर्देश इन मानदंडों को पूरा करने के लिए एआई पाइपलाइन में कार्यान्वित किए जाने वाले विशिष्ट उपाय उपलब्ध कराते हैं। ये रूपरेखा एवं दिशानिर्देश निर्माताओं और मूल्यांकनकर्ताओं को विश्वसनीय एआई के निर्माण व मूल्यांकन के लिए एक संरचित दृष्टिकोण भी प्रदान करते हैं।

Editor

Recent Posts

उपराष्ट्रपति ने मेरठ में IIMT विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज मेरठ स्थित आईआईएमटी विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित…

12 घंटे ago

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिन की जर्मनी यात्रा पर आज म्यूनिख पहुंचे

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिन की जर्मनी यात्रा पर आज म्यूनिख पहुंचे। इसके बाद…

13 घंटे ago

भारत ने तंजानिया को दो टन जीवन रक्षक चिकित्सा सामग्री भेजी

भारत ने तंजानिया के दार-एस-सलाम के श्री हिंदू मंडल अस्पताल को दो टन जीवन रक्षक…

13 घंटे ago

रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना की बारूदी सुरंग भेदने की क्षमता बढ़ाने के लिए टी-72/टी-90 टैंकों के लिए ट्रॉल असेंबली के 975 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए

रक्षा मंत्रालय ने भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) और इलेक्ट्रो न्यूमेटिक्स एंड हाइड्रोलिक्स (इंडिया) प्राइवेट…

13 घंटे ago

भारतीय नौसेना का आईओएस सागर पहल के तहत तैनात एक ऑफशोर पेट्रोलिंग पोत आईएनएस सुनयना इंडोनेशिया के जकार्ता पहुंचा

भारतीय नौसेना का आईओएस सागर पहल के तहत तैनात एक ऑफशोर पेट्रोलिंग पोत आईएनएस सुनयना…

13 घंटे ago

भारत और भूटान के बीच सीमा शुल्क पर संयुक्त समूह (जेजीसी) की सातवीं बैठक केरल के मुन्नार में आयोजित हुई

भारत और भूटान के बीच सीमा शुल्क पर संयुक्त समूह (जेजीसी) की सातवीं बैठक 20-21…

13 घंटे ago