वैश्विक एजेंसी फिच रेटिंग्स ने अगले पांच वर्ष में भारत की सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का संशोधित अनुमान व्यक्त किया है। एजेंसी के अनुसार, सकल रोजगार में वृद्धि के कारण भारत की अनुमानित जीडीपी वृद्धि दर शून्य दशमलव दो प्रतिशत अधिक रहने की संभावना है।
दूसरी तरफ, एजेंसी ने चीन के विकास अनुमान को घटाकर 4.3 प्रतिशत कर दिया है जो पहले 4.6 प्रतिशत था। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की पिछले महीने जारी रिपोर्ट के अनुसार भी भारत सबसे तेज गति वाला प्रमुख देश बना हुआ है और यह अगले दो वर्ष में छह प्रतिशत से अधिक की वृद्धि वाला एकमात्र देश होगा। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने 120 से अधिक देशों के विकास पूर्वानुमान में कटौती की है।
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