सरकार ने शुक्रवार को प्याज निर्यात के लिए न्यूनतम मूल्य सीमा को समाप्त कर दिया। इस पहल का मकसद किसानों की आय बढ़ाना है। सरकार ने पहले न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) 550 डॉलर प्रति टन तय किया था।
उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को प्याज का अखिल भारतीय औसत मूल्य 50.83 रुपये प्रति किलोग्राम था, जबकि मॉडल मूल्य 50 रुपये प्रति किलोग्राम है। प्याज का अधिकतम मूल्य 83 रुपये प्रति किलोग्राम है और न्यूनतम मूल्य 28 रुपये प्रति किलोग्राम है। केंद्र ने पांच सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और मुंबई के उपभोक्ताओं को प्याज की बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर प्याज की खुदरा बिक्री का पहला चरण शुरू किया।
राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ) और भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) ने अपने स्टोर और मोबाइल वैन के माध्यम से खुदरा बिक्री शुरू कर दी है। ये सरकार की ओर से 4.7 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक बनाए हुए हैं, पिछले सप्ताह, उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने कहा कि आने वाले महीनों में प्याज की उपलब्धता और कीमतों का परिदृश्य, सकारात्मक बना हुआ है। इसका कारण खरीफ (गर्मी) की बुवाई का रकबा पिछले महीने तक 2.9 लाख हेक्टेयर तक बढ़ गया है, जबकि एक साल पहले की अवधि में यह 1.94 लाख हेक्टेयर था। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, लगभग 38 लाख टन प्याज का भंडार अभी भी किसानों और व्यापारियों के पास होने की रिपोर्ट है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने पूर्व में घोषित 54,567 करोड़ रुपये के 46 आवेदनों…
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोक सभा में नियम 193 के अंतर्गत वामपंथी उग्रवाद…
भारत के परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के अग्रणी विश्वविद्यालय, गतिशक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) और नागर विमानन…
वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद् (सीएसआईआर)-राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान ने विज्ञान संचार को…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन से टेलीफोन पर बातचीत की।…
भारत की शीतल देवी विश्व तीरंदाजी संघ की ‘पैरा आर्चर ऑफ़ द ईयर 2025’ चुनी…