सरकार ने घरेलू कपास की कीमतों को स्थिर रखने और कपड़ा उद्योग को समर्थन देने के उद्देश्य से 19 अगस्त 2025 से 30 सितंबर 2025 तक कच्चे कपास के आयात पर सभी सीमा शुल्कों में छूट दी है। इसमें 5 प्रतिशत मूल सीमा शुल्क (बीसीडी), 5 प्रतिशत कृषि अवसंरचना और विकास उपकर (एआईडीसी), और दोनों पर 10 प्रतिशत सामाजिक कल्याण अधिभार को हटाना शामिल है। इससे कपास पर कुल मिलाकर 11 प्रतिशत आयात शुल्क लगेगा।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) द्वारा अधिसूचित इस निर्णय से सूत, कपड़ा, परिधान और मेड-अप सहित कपड़ा मूल्य श्रृंखला में इनपुट लागत कम होने और निर्माताओं तथा उपभोक्ताओं दोनों को आवश्यक राहत मिलने की उम्मीद है।
यह छूट कपड़ा उद्योग की लगातार उठती माँगों को पूरा करती है। जो बढ़ती घरेलू कीमतों और आपूर्ति की कमी के कारण सरकार से कपास पर आयात शुल्क समाप्त करने का आग्रह कर रहा था। इन शुल्कों को अस्थायी रूप से माफ करके, सरकार का लक्ष्य है:
इस उपाय से घरेलू कपास की कीमतों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने और देश में रोजगार और निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कपड़ा और परिधान क्षेत्र के समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विभिन्न कपड़ा संघों ने 19 अगस्त 2025 से कपास की सभी किस्मों को 11 प्रतिशत आयात शुल्क से मुक्त करने के सरकार के कदम का स्वागत किया और उद्योग की लंबे समय से लंबित मांग पर विचार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह का आभार व्यक्त किया।
वायु सेना के मालवाहक जहाज ने लद्दाख में 13,629 फीट की ऊंचाई पर स्थित न्योमा…
भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने रेलवे नेटवर्क में चल रही अनाधिकृत ई-कैटरिंग…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा के लिए इस क्षेत्र के सामरिक…
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कर्नाटक सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले और…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा बलों से हर समय उच्च स्तर की परिचालन तैयारी…
अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने स्टीफन मिलर को व्हाइट हाउस का नया चीफ ऑफ…