सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी एटीएफ से जुड़े नियमों में अहम संशोधन किया है। अब सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल यानी एसएएफ के साथ मिश्रित एटीएफ को भी नियंत्रण आदेश के दायरे में शामिल किया गया है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, एसएएफ एक विशेष प्रकार का ईंधन है, जो विमान इंजनों के साथ पूरी तरह सुरक्षित व अनुकूल है और इससे ईंधन के प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ता।
अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन ने भी एसएएफ को मान्यता दी है। यह ईंधन फसलों, जैविक कचरे और अन्य वैकल्पिक स्रोतों से बनाया जाता है और इससे ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आती है।
वैश्विक आवश्यकता को देखते हुए सरकार ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एटीएफ में एसएएफ के सांकेतिक मिश्रण लक्ष्य की घोषणा पहले ही कर दी थी, जो 2027 में एक प्रतिशत, 2028 में दो प्रतिशत और 2030 में पांच प्रतिशत निर्धारित किए गए थे। सरकार का कहना है कि यह कदम भारत को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर मजबूत करने का काम करेगा।
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