भारत सरकार ने सूक्ष्म वित्त संस्थानों के लिए ऋण गारंटी योजना-2.0 (सीजीएसएमएफआई-2.0) शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य राष्ट्रीय ऋण गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) के माध्यम से बैंकों/वित्तीय संस्थानों को गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी-सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एनबीएफसी-एमएफआई) और लघु वित्त संस्थानों द्वारा छोटे उधारकर्ताओं को दिए गए ऋण पर अपेक्षित नुकसान के विरुद्ध गारंटी प्रदान करना है।
योजना की प्रमुख विशेषताएं:
यह योजना एमएफआई क्षेत्र में ऋण प्रवाह को बढ़ाने में सहायक होगी। अनुमान है कि इस योजना से एनबीएफसी-एमएफआई/एमएफआई द्वारा लगभग 36 लाख छोटे उधारकर्ताओं को ऋण देने में सुविधा होगी।
आर्थिक रूप से सबसे निचले पायदान पर मौजूद लोगों को ऋण उपलब्ध कराकर सूक्ष्म वित्त वित्तीय समावेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एनबीएफसी-एमएफआई और एमएफआई सूक्ष्म वित्त ऋण व्यवसाय में प्रमुख भागीदार हैं। सूक्ष्म वित्त क्षेत्र में चल रहे वित्तीय संकट को देखते हुए, बैंकों द्वारा लघु वित्त संस्थानों को ऋण देने में कमी आई है, जिसके कारण छोटे लघु वित्त संस्थानों को ऋण प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। इस योजना का उद्देश्य ऋण देने वाली संस्थाओं को भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित सूक्ष्म वित्त की नियामक परिभाषा के अंतर्गत छोटे उधारकर्ताओं को ऋण देने के लिए एनबीएफसी-एमएफआई या एमएफआई को निधि उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित करना है।
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