सरकार ने जनगणना के पहले चरण के दौरान नागरिकों से पूछे जाने वाले 33 प्रश्नों की सूची जारी कर दी है। यह चरण एक अप्रैल से शुरू हो होगा। पहले चरण में घरों की सूची तैयार की जाएगी, जिसके लिए प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की ओर से निर्धारित 30 दिन की अवधि में अभियान चलाया जाएगा। यह चरण 30 सितंबर तक जारी रहेगा।
सर्वेक्षण के दौरान जनगणना अधिकारी घर के स्वामित्व की स्थिति, घर के उपयोग, कमरों की संख्या तथा परिवार के मुखिया के लिंग के बारे में जानकारी मांगेंगे। नागरिकों से उनके घरों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं के बारे में भी पूछा जाएगा। इनमें लोगों से पीने के पानी का मुख्य स्रोत, रोशनी का मुख्य स्रोत, शौचालय की उपलब्धता तथा प्रकार, अपशिष्ट जल निकासी, स्नान सुविधा और रसोई की उपलब्धता, एलपीजी और पीएनजी कनेक्शन तथा खाना पकाने के लिए उपयोग किया जाने वाले ईंधन के बारे में भी जानकारी एकत्र की जाएगी। नागरिकों के पास 30 दिनों के गृह सूचीकरण अभियान शुरू होने से ठीक पहले 15 दिनों की अवधि में स्व-गणना करने का विकल्प भी उपलब्ध होगा। जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। अप्रैल से सितंबर तक घरों का सूचीकरण और आवास जनगणना तथा फरवरी 2027 में व्यक्तियों की गणना होगी।
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