सरकार ने आज देश का पहला सेवा उत्पादन सूचकांक-आईएसपी का पहला प्रायोगिक सूचकांक जारी किया। इससे पहली बार औपचारिक सेवा क्षेत्र की गतिविधियों का मासिक आकलन उपलब्ध होगा।
वर्ष 2024-25 को आधार वर्ष मानकर तैयार किया गया यह पहला सूचकांक अप्रैल 2026 का है। इसमें सेवा क्षेत्र के 19 उप-क्षेत्र शामिल हैं, जो भारत के लगभग 60 प्रतिशत सेवा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने इसे देश के सेवा क्षेत्र के बेहतर आकलन और सांख्यिकीय प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। मंत्रालय ने कहा कि परीक्षण श्रृंखला की समीक्षा और दायरा बढ़ाने के बाद सेवा उत्पादन का समग्र सूचकांक जारी किया जाएगा।
अप्रैल के आंकड़ों के अनुसार, सेवा क्षेत्र में व्यापक वृद्धि दर्ज की गई है। 19 में से 14 उप-क्षेत्रों में पिछले वर्ष के अप्रैल की तुलना में दो अंकों की वृद्धि दर्ज हुई, जबकि लगभग सभी अन्य क्षेत्रों में भी सकारात्मक वृद्धि रही।
मंत्रालय ने बताया कि सेवा उत्पादन सूचकांक हर महीने की 29 तारीख को जारी किया जाएगा। इससे नीति निर्माताओं, उद्योग जगत और शोधकर्ताओं को सेवा क्षेत्र की अल्पकालिक गतिविधियों का समय पर आकलन करने में मदद मिलेगी।
इंडोनेशिया में आज जावा सागर में खराब मौसम के कारण 240 से अधिक यात्रियों वाली…
विश्व स्वास्थ्य संगठन- डब्ल्यूएचओ ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान ब्रिक्स देशों द्वारा स्वीकार…
दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन आज नई दिल्ली में सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। इस दौरान महत्वपूर्ण…
तीन दिवसीय ड्राईलैंड कांग्रेस 2026 आज नई दिल्ली में शुष्क-भूमि कृषि के लिए समाधानों में…
18वां ब्रिक्स सम्मेलन आज से नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू होगा। दो दिनों…
सऊदी अरब ने कहा है कि ड्रोन हमले के एक दिन बाद उसने देश भर…