घरेलू उपकरणों (एसी और एलईडी लाइट्स) के लिए पीएलआई योजना हेतु आवेदन विंडो, उद्योग जगत की इस योजना के अंतर्गत और अधिक निवेश करने की इच्छा के आधार पर पुनः खोली जा रही है। यह पीएलआईडब्ल्यूजी योजना के तहत भारत में एसी और एलईडी लाइट्स के प्रमुख पुर्जों के निर्माण से उत्पन्न बढ़ते बाजार और विश्वास का परिणाम है। आवेदन विंडो, समय-समय पर संशोधित, 16.04.2021 को अधिसूचित पीएलआईडब्ल्यूजी योजना और 04.06.2021 को जारी पीएलआईडब्ल्यूजी योजना दिशानिर्देशों में निर्धारित नियमों और शर्तों पर खोली जा रही है।
योजना के लिए आवेदन विंडो 15 सितंबर, 2025 से 14 अक्टूबर, 2025 (दोनों तिथियां सम्मिलित) तक ऑनलाइन पोर्टल URL https://pliwg.dpiit.gov.in/पर खुली रहेगी। आवेदन विंडो बंद होने के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
किसी भी भेदभाव से बचने के लिए, नए आवेदक और साथ ही पीएलआईडब्ल्यूजी के मौजूदा लाभार्थी, जो उच्च लक्ष्य खंड में स्विच करके अधिक निवेश करने का प्रस्ताव रखते हैं या उनकी समूह कंपनियां अलग लक्ष्य खंड के तहत आवेदन करती हैं, वे योजना दिशानिर्देशों के पैरा 5.6 में उल्लिखित पात्रता शर्तों को पूरा करने और योजना दिशानिर्देशों के परिशिष्ट-1 या परिशिष्ट-1 ए में उल्लिखित निवेश अनुसूची का पालन करने के अधीन आवेदन करने के लिए पात्र होंगे।
समेकित योजना दिशानिर्देश यहां उपलब्ध हैं: https://pliwg.dpiit.gov.in/docs/Consolidated_Guidelines_PLIScheme_23October2023.pdf और योजना अधिसूचना यहां उपलब्ध है: https://dpiit.gov.in/sites/default/files/PLIWG-Notification-16042021_10May2021.pdf
पीएलआईडब्ल्यूजी योजना के पैरा 6.4 और योजना दिशानिर्देशों के पैरा 9.3 के अनुसार, आवेदक केवल योजना की शेष अवधि के लिए प्रोत्साहन के लिए पात्र होंगे। प्रस्तावित चौथे दौर में अनुमोदित आवेदक – केवल नए आवेदकों और लाभार्थियों जो उच्च निवेश श्रेणी में जाना चाहते हैं जीपी-2 (यानी मार्च 2023 तक) – के मामले में अधिकतम दो वर्षों के लिए पीएलआई के लिए पात्र होगा। प्रस्तावित चौथे दौर में उच्च निवेश श्रेणी में जाने के इच्छुक जीपी-1 (यानी मार्च 2022 तक) चुनने वाले लाभार्थी केवल एक वर्ष के लिए पीएलआई के लिए पात्र होंगे। उपर्युक्त विकल्प चुनने वाले मौजूदा लाभार्थी, यदि वे किसी वर्ष में निवेश या बिक्री की सीमा हासिल नहीं कर पाते हैं, तो वे अपनी मूल निवेश योजना के अनुसार दावे प्रस्तुत करने के पात्र होंगे। हालांकि, यह छूट योजना अवधि के दौरान केवल एक बार प्रदान की जाएगी।
अब तक पीएलआई योजना के तहत 10,406 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 83 आवेदकों को लाभार्थियों के रूप में चुना गया है। इस निवेश से संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में एयर कंडीशनर और एलईडी लाइट्स के पुर्जों का निर्माण होगा। इसमें वे पुर्जे भी शामिल हैं जिनका वर्तमान में भारत में पर्याप्त मात्रा में निर्माण नहीं होता है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के आह्वान के अनुसरण में, 07.04.2021 को एयर कंडीशनर (एसी) और एलईडी लाइटों के कलपुर्जों और सब-असेंबली के निर्माण के लिए घरेलू उपकरणों हेतु पीएलआई योजना को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य विनिर्माण को केंद्र में लाना और भारत के विकास को गति देने तथा रोजगार सृजन में जोर देना है। यह योजना वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2028-29 तक, सात वर्षों की अवधि में क्रियान्वित की जाएगी और इसका परिव्यय 6,238 करोड़ रुपये है।
शिशुओं के लिए पोषण संबंधी सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण…
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने विज्ञान आधारित खाद्य सुरक्षा विनियमन और उपभोक्ता…
पश्चिम एशिया क्षेत्र के मौजूदा हालात को देखते हुए, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस…
अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत और चीन को राहत देते हुए रूस से…
गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर दो हत्याओं और एक व्यक्ति की आत्महत्या…
सर्वोच्च न्यायालय ने इंटरनेट से बाल यौन शोषण से संबंधित सामग्री का पता लगाने और…