भारत सरकार मादक पदार्थों की मांग में कमी लाने के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीडीडीआर) के माध्यम से जम्मू-कश्मीर में नशा मुक्ति एवं पुनर्वास सेवाओं को निरंतर सुदृढ़ कर रही है, साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय को भी मजबूत बना रही है। हालांकि, जम्मू क्षेत्र में एकीकृत नशा मुक्ति एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का वर्तमान में कोई प्रस्ताव नहीं है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने राज्यसभा में सत पाल शर्मा के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। सदन को अवगत कराया गया कि वर्तमान में मादक पदार्थों की मांग में कमी लाने के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीडीडीआर) के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में एक इंटीग्रेटेड रिहैबिलिटेशन सेंटर फॉर एडिक्ट्स (आईआरसीए), छह जिला नशा-मुक्ति केंद्र (डीडीएसी), दो कम्युनिटी-बेस्ड पीयर लीड इंटरवेंशन (सीपीएलआई) केंद्र, तीन आउटरीच एंड ड्रॉप-इन सेंटर (ओडीआईसी) तथा इक्कीस व्यसन उपचार सुविधाएं (एटीएफ) कार्यरत हैं। सरकार ने यह भी बताया कि नए नशा मुक्ति केंद्रों की स्थापना और उनकी निगरानी एक सतत् प्रक्रिया है।
लिखित उत्तर में आगे बताया गया कि गृह मंत्रालय ने देशभर में मादक पदार्थों की तस्करी और मादक पदार्थों के दुरुपयोग से निपटने के लिए केंद्रीय एवं राज्य मादक पदार्थ कानून प्रवर्तन एजेंसियों तथा अन्य हितधारकों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने हेतु शीर्ष, कार्यकारी, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश तथा जिला स्तर की इकाइयों वाला चार-स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) तंत्र स्थापित किया है। एनसीओआरडी की दसवीं शीर्ष स्तरीय बैठक 26 जून, 2026 को आयोजित की गई।
सदन को यह भी अवगत कराया गया कि मादक पदार्थों की तस्करी की स्थिति की समीक्षा करने, प्रवर्तन संबंधी कार्रवाइयों की निगरानी करने तथा निर्णयों का समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए राज्य/केंद्र शासित प्रदेश तथा जिला स्तर की एनसीओआरडी बैठकों का नियमित रूप से आयोजन किया जाता है। वर्ष 2018 से अब तक जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में राज्य स्तर की एनसीओआरडी की कुल 17 बैठकें तथा जिला स्तरीय एनसीओआरडी समिति की 836 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, जो मादक पदार्थ-रोधी समन्वय और प्रवर्तन को सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों को दर्शाती हैं।
लिखित उत्तर में आगे इस बात पर भी प्रकाश डाला गया कि एनसीओआरडी पोर्टल, एनसीओआरडी तंत्र के सभी चार स्तरों के लिए एक व्यापक ज्ञान प्रबंधन मंच के रूप में कार्य करता है तथा भारत सरकार की मादक पदार्थों के दुरुपयोग-रोधी पहलों से संबंधित जानकारी के भंडार के रूप में भी कार्य करता है, जिससे मादक पदार्थों की तस्करी और मादक द्रव्यों के दुरुपयोग के विरुद्ध समन्वित कार्रवाई को सुगम बनाया जा सके।
लोकसभा ने भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 में संशोधन करने वाला विधेयक पारित कर…
केंद्र सरकार ने गोवा के विधानसभा क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व का पुनर्समायोजन अधिनियम,…
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जन्मजात नागरिकता को सीमित करने और पर्यटन पर अंकुश लगाने…
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत आज जयपुर, राजस्थान में 10वीं ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों…
मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल 'अग्नि-4' का सफल परीक्षण 6 अगस्त, 2026 को ओडिशा के…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आज इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का फ़ोन आया। दोनों नेताओं…