सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने ऑनलाइन क्यूरेटेड कंटेंट प्रकाशकों और ओटीटी प्लेटफॉर्म के स्व-नियामक निकायों के लिए एक दिशा-निर्देश जारी किया है। इसे भारत के कानून और सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 में निर्धारित आचार संहिता का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए जारी किया गया था। इसमें मंत्रालय को संसद सदस्यों, संवैधानिक संगठनों तथा ओटीटी प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के कुछ प्रकाशकों द्वारा प्रकाशित अश्लील और पोर्नोग्राफ़िक सामग्री के कथित प्रसार के संबंध में सार्वजनिक शिकायतों के प्राप्त होने के बाद आई है।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आचार संहिता के अंतर्गत निर्धारित सामग्री के आयु आधारित वर्गीकरण के सख्त पालन पर जोर दिया। इसने ओटीटी प्लेटफॉर्म के स्व-नियामक निकायों से प्लेटफॉर्म द्वारा आचार संहिता के उल्लंघन के लिए उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया। मंत्रालय ने ओटीटी प्लेटफार्मों से महिलाओं के अभद्र चित्रण अधिनियम, 1986, भारतीय न्याय संहिता 2023, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण-पोक्सो अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के प्रावधानों पर भी ध्यान देने को कहा है जिनमें अश्लील या पोर्नोग्राफिक सामग्री का प्रकाशन दंडनीय अपराध है।
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