गुजरात उच्च न्यायालय ने 2008 के अहमदाबाद सिलसिलेवार बम विस्फोटों के मामले में आज विशेष न्यायालय के उस आदेश को बरकरार रखा जिसमें 38 दोषियों को मौत की सजा और 11 अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
न्यायमूर्ति ए वाई कोगजे और न्यायमूर्ति समीर दवे की खंडपीठ ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ सभी अपीलें खारिज कर दीं और मामले में आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के सदस्यों को दी गई सजा को बरकरार रखते हुए अपने फैसले को सही ठहराया।
26 जुलाई 2008 को, अहमदाबाद में 70 मिनट के भीतर लगातार हुए 21 बम धमाकों में 56 लोग मारे गए थे और 200 अन्य घायल हो गए थे।
गृह मंत्रालय ने जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत जनगणना (संशोधन) नियम, 2026 लागू किए हैं।…
भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है।…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग-एनएचआरसी ने महाराष्ट्र के नासिक जिले के अंबड औद्योगिक क्षेत्र के निकट दत्तानगर…
भारत और मंगोलिया के रक्षा मंत्रालयों के संयुक्त कार्य समूह की आज उलानबातार में आयोजित…
भारत की क्वांटम प्रौद्योगिकी और सुरक्षित संचार क्षमताओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण…
भारतीय प्रेस परिषद ने विरोध और धरना-प्रदर्शनों की कवरेज करने वाले पत्रकारों के लिए दिशा-निर्देश…