पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (MoPSW) के हिंदी विभाग द्वारा हिंदी पखवाड़ा 2024 पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान 45 प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा प्रतिभागियों द्वारा लिखी गई कविताओं की किताब नवांकुर’- रचनाओं के सागर का विमोचन भी हुआ.
इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य मंत्रालय में हिंदी के उपयोग को प्रोत्साहित करना और उसे बढ़ावा देना है। इस अवसर पर मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के हिंदी विभाग द्वारा हिंदी पखवाड़ा 2024 के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें अनुवाद एवं राजभाषा ज्ञान प्रतियोगिता, हिंदी भाषा ज्ञान परीक्षा, आशुभाषण, कविता पाठ और टिप्पण आलेखन जैसी गतिविधियां शामिल थीं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य कर्मचारियों में हिंदी के प्रति रुचि और जागरूकता को बढ़ाना था, साथ ही उन्हें राजभाषा के रूप में हिंदी के महत्व को समझने और उसके प्रचार-प्रसार में योगदान देने के लिए प्रेरित करना था। इन आयोजनों में मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी हिंदी भाषा कौशल का प्रदर्शन किया।
सचिव, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, टी.के. रामचंद्रन ने इस अवसर पर कहा, “हिंदी हमारे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है और सरकारी कार्यों में इसके व्यापक उपयोग से हम अपनी संस्कृति और विरासत के प्रति आदर व्यक्त करते हैं। मंत्रालय में हिंदी के प्रोत्साहन के लिए हम निरंतर प्रयासरत हैं और हमारा उद्देश्य है कि यह भाषा हमारे सभी संचार का अभिन्न अंग बने”।
मंत्रालय, हिंदी के उपयोग को बढ़ावा देने और सरकारी संचार को व्यापक रूप से जनसामान्य तक पहुंचाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। हिंदी पखवाड़ा जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से मंत्रालय न केवल हिंदी के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देता है बल्कि राष्ट्रीय एकता और विभिन्न भाषाई पृष्ठभूमियों के बीच समरसता को भी सुदृढ़ करता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि…
ओडिशा की बैतरानी नदी में बाढ़ से राज्य के उत्तरी क्षेत्र में जन-जीवन प्रभावित हो…
राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान आज से 15 सितम्बर तक आम जनता के लिए खुला…
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने विदेशी संपत्तियों से जुड़े छोटे करदाताओं के लिए विदेशी संपत्ति…
भारत के स्वतंत्रता दिवस के भव्य वैश्विक समारोह के अंतर्गत, हर घर तिरंगा 2026 की एक विशेष पहल ‘सूर्यपथ तिरंगा’ ने राष्ट्रीय ध्वज की भावना को पूरी दुनिया में पहुंचाया। यह पहल उगते सूर्य के पथ का अनुसरण करते हुए फिजी में भारतीय समयानुसार रात डेढ़ बजे से सैन फ्रांसिस्को में रात साढ़े आठ बजे भारतीय समयानुसार तक तक चली। इस अनूठे वैश्विक रिले ने विभिन्न देशों और महाद्वीपों में स्थित 54 मिशनों और पोस्टों को जोड़ा तथा सूर्य की गति को दुनिया भर में तिरंगे की प्रतीकात्मक यात्रा में परिवर्तित कर दिया। फिजी के सुवा में भारतीय समयानुसार रात डेढ़ बजे से शुरू होकर तिरंगा न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, कोरिया गणराज्य, चीन, इंडोनेशिया, वियतनाम,…
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने 15 अगस्त 2025 को,…