राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से कलाकारों के एक समूह ने आज राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। राष्ट्रपति ने इन कलाकारों द्वारा राष्ट्रपति भवन में प्रवास के दौरान बनाई गई कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी देखी।
राष्ट्रपति ने इन कलाकृतियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कलाकृतियों में मानव और प्रकृति के बीच शाश्वत संबंध परिलक्षित होता है। उन्होंने सभी से ऐसी कलाकृतियों को सराहने और खरीदकर इन कलाकारों को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
इन कलाकारों का विभिन्न बाघ अभ्यारण्यों के पास निवास है और वे छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, मिज़ोरम, तेलंगाना, उत्तराखंड और झारखंड के रहने वाले हैं। वे आर्टिस्ट-इन-रेजीडेंसी पहल सृजन 2024 के अंतर्गत 21 अक्टूबर से अभी तक राष्ट्रपति भवन में प्रवास कर रहे हैं। इस दौरान इन कलाकारों ने प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल कर समकालीन जनजातीय कला प्रारूपों सौरा, गोंड, वारली, ऐपण, सोहराई इत्यादि में मनमोहक चित्र बनाए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि…
ओडिशा की बैतरानी नदी में बाढ़ से राज्य के उत्तरी क्षेत्र में जन-जीवन प्रभावित हो…
राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान आज से 15 सितम्बर तक आम जनता के लिए खुला…
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने विदेशी संपत्तियों से जुड़े छोटे करदाताओं के लिए विदेशी संपत्ति…
भारत के स्वतंत्रता दिवस के भव्य वैश्विक समारोह के अंतर्गत, हर घर तिरंगा 2026 की एक विशेष पहल ‘सूर्यपथ तिरंगा’ ने राष्ट्रीय ध्वज की भावना को पूरी दुनिया में पहुंचाया। यह पहल उगते सूर्य के पथ का अनुसरण करते हुए फिजी में भारतीय समयानुसार रात डेढ़ बजे से सैन फ्रांसिस्को में रात साढ़े आठ बजे भारतीय समयानुसार तक तक चली। इस अनूठे वैश्विक रिले ने विभिन्न देशों और महाद्वीपों में स्थित 54 मिशनों और पोस्टों को जोड़ा तथा सूर्य की गति को दुनिया भर में तिरंगे की प्रतीकात्मक यात्रा में परिवर्तित कर दिया। फिजी के सुवा में भारतीय समयानुसार रात डेढ़ बजे से शुरू होकर तिरंगा न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, कोरिया गणराज्य, चीन, इंडोनेशिया, वियतनाम,…
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने 15 अगस्त 2025 को,…