हिंदू नववर्ष आज से शुरू हो रहा है। इसे नवसंवत्सर भी कहा जाता है। यह चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होता है। देश के विभिन्न भागों में इसे अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। महाराष्ट्र और गोवा में इसे गुड़ी पड़वा, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में युगादि, कश्मीर में नवरेह, मणिपुर में सजिबु नोंगमा चेरोबा, असम में बिहू और सिंधी हिंदू चेती चॉंद के रूप में मनाते हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस अवसर पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि वसंत ऋतु के आगमन पर मनाए जाने वाले ये त्योहार भारतीय नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि ये त्योहार हमारी सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करते हैं और सामाजिक एकता को बढ़ावा देते हैं।
इन त्यौहारों के दौरान हम नई फसल की खुशी मनाते हैं और प्रकृति के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। राष्ट्रपति ने सभी से सद्भाव और एकता की भावना को मजबूत करने और राष्ट्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए नई ऊर्जा के साथ काम करने की अपील की।
देशभर के मंदिरों में सुबह की आरती के साथ नौ दिवसीय चैत्र नवरात्र उत्सव का आज शुभारंभ हो गया। यह त्यौहार देवी दुर्गा के नौ अवतारों की पूजा के लिए समर्पित है। नौ दिवसीय उत्सव का समापन भगवान राम के जन्मदिन, राम नवमी के दिन होता है।
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