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गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में यमुना पुनर्जीवीकरण के मुद्दे पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में यमुना पुनर्जीवीकरण के मुद्दे पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केन्द्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल, दिल्ली के उप-राज्यपाल तरणजीत सिंह संधु, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, प्रवेश साहिब सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

बैठक में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि साफ और स्वच्छ यमुना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारा संकल्प है और हम सभी को मिलकर इससे जल्दी ही पूरा करना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकारें व सभी संबंधित मंत्रालय, यमुना की स्वच्छता के लिए टुकड़ों में नहीं बल्कि एक टीम भावना से एकीकृत कार्य योजना के तहत काम करें।

अमित शाह ने कहा कि हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तीनों राज्य मिलकर यमुना नदी में मानक ईको-फ्लो सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि दिल्ली की डेयरियों के wastage को यमुना में जाने से रोकने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के बीच MoU साइन होगा, जो इसे गोबर गैस तथा खाद में तब्दील करेगा। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि NDDB मॉडल के तहत डेयरी और गौशालाओं का गोबर सीधे गैस और खाद प्लांट तक पहुंचेगा और साथ ही यमुना किनारे के कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन होगा।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि यमुना नदी में प्रवाहित नालों की डीसिल्टिंग का काम तेजी से चल रहा है। इस वर्ष लक्षित 28.57 लाख MT में से 97% गाद निकाली जा चुकी है और बाकी 15 जून तक निकाल ली जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि गाद का इस्तेमाल विभिन्न विनिर्माण परियोजनाओं में किया जाए, जिससे बारिश में ये गाद बहकर वापस यमुना में न जाये।

अमित शाह ने कहा कि दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अब तक 129 STP बन चुके हैं और 2027 के अंत तक 59 नए STP’s और बनाये जाएँगे। गृह मंत्री ने निर्देश दिए कि STPs, औद्योगिक wastage और सभी नालों के डिस्चार्ज को अच्छे से मॉनिटर करें। उन्होंने कहा कि सिर्फ संतोषजनक काम नहीं बल्कि सटीक परिणाम आने चाहिए। अमित शाह ने यह भी कहा कि औद्योगिक CETP या डेयरी वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट्स- सभी का निर्माण भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर ही हो।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यमुना में जुड़ने वाले सभी नालों और जल स्रोतों में शुद्धिकरण के विभिन्न पैमानों, जैसे BOD, COD और TSS के निरंतर निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित हो। साथ ही यमुना पुनर्जीवीकरण परियोजना के सभी प्रोजेक्ट्स की विस्तृत कार्ययोजना और निष्पादन तिथि तय हो और इनके दीर्घकालिक रखरखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित हो गृह मंत्री ने यमुना पुनर्जीवीकरण परियोजना में कार्य प्रगति की हर 20 दिन में समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।

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