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गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (विनिमय) का उद्घाटन किया

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (विनिमय) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक, सीमा प्रबंधन सचिव और लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में लैंड पोर्ट अथॉरिटी को नई दिशा मिली। सुरक्षा-केंद्रित सोच से आगे बढ़कर लैंड पोर्ट को सुरक्षा के पहले कवच, व्यापार सुगमता के माध्यम और लोगों के बीच संपर्क सेतु के रूप में विकसित किया गया। साथ ही, सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास, वैध व्यापार को बढ़ावा देने और सीमांत गांवों और जिलों में पलायन जैसी चुनौतियों से निपटने में भी लैंड पोर्ट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दोनों ओर के देशों की जनता के बीच सरल आवागमन के कारण परस्पर विश्वास बढ़ा है और संस्कृति का आदान-प्रदान भी बेहतर हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल भू-सीमा वाले देश में सीमा प्रबंधन की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है।

अमित शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय स्मार्ट बॉर्डर की संकल्पना के साथ भारत की सीमाओं को सुरक्षित करने हेतु चतुष्कोणीय रणनीति पर कार्य कर रहा है। इस स्मार्ट बॉर्डर विज़न में लैंड पोर्ट अथॉरिटी की महत्वपूर्ण भूमिका होने वाली है। उन्होंने कहा कि लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (LPMS) में सभी हितधारकों की आवश्यकताओं तथा सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। यह व्यवस्था स्मार्ट बॉर्डर की संकल्पना के साथ मिलकर एक अभेद्य और सुरक्षित बॉर्डर का निर्माण करेंगे। उन्होंने कहा कि LPMS और स्मार्ट बॉर्डर मिलकर अधिक सुरक्षित और आधुनिक सीमा तंत्र बनाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे अवैध गतिविधियों पर रोक और सुरक्षित व्यवस्था का निर्माण निश्चित है।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लैंड पोर्ट अथॉरिटी ने अपने लैंड पोर्ट्स के लिए एक आधुनिक, डिजिटल, एकीकृत और रियल-टाइम प्रबंधन प्रणाली विकसित कर सभी को एक साथ जोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से लैंड पोर्ट की मूल संकल्पना को लैंड पोर्ट अथॉरिटी ने पूरा कर दिया है। आगामी दिनों में हम लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम को देश की स्मार्ट सुरक्षा ग्रिड का एक महत्वपूर्ण अंग बनाएंगे, जिससे हमारी आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ भौतिक सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि लैंड पोर्ट अथॉरिटी की यह पहल स्मार्ट बॉर्डर की संकल्पना को पूर्ण रूप देने में सहायक सिद्ध होगा। यह प्रणाली कार्गो, पैसेंजर और वाहनों के प्रबंधन के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगी। इससे विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ेगा और सूचना का आदान-प्रदान अत्यंत सरल हो जाएगा। 90% कागजी कार्यवाही समाप्त होगी। सिंगल इलेक्ट्रॉनिक विंडो तथा ऑटोमेटिक नंबर प्लेट पहचान आधारित गेट संचालन प्रणाली से काफी समय की बचत होगी। ट्रकों की प्रतीक्षा समय में लगभग 40% से 60% की कमी आएगी तथा गेट प्रोसेसिंग समय में 22% से 35% की कमी होगी। इससे न केवल व्यापार बढ़ेगा, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और दोनों देशों के नागरिकों के बीच समन्वय, संवाद तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी बेहतर तरीके से हो सकेगा।

गृह मंत्री ने कहा कि LPMS के माध्यम से ICEGATE, मोटर वाहन प्रणाली, CBIC, BSF, DGFT, UIDAI और ULIP एक मंच पर रियल-टाइम डेटा साझा होने से सीमा पर एजेंसियों के बीच समन्वय और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि इन सभी के बीच समन्वय और सूचना आदान-प्रदान का प्लेटफॉर्म देश के लिए बेहद सुविधाजनक सिद्ध होगा तथा विकास को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में लैंड पोर्ट्स में भी व्यापक बदलाव आया है। वर्ष 2014 में जहाँ लैंड पोर्ट्स के माध्यम से 5,000 करोड़ रुपए का व्यापार होता था, वह आज बढ़कर 83,000 करोड़ रुपए हो गया है, यानि इसमें 16 गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 15 लैंड पोर्ट कार्यरत हैं और आने वाले 3 वर्षों में 11 अतिरिक्त लैंड पोर्ट भी संचालन में आ जाएंगे।

अमित शाह ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने लैंड पोर्ट्स को लेकर जो संकल्पना रखी है, उसे हम समयबद्ध तरीके से अवश्य प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि लैंड पोर्ट अथॉरिटी की यह पहल जब स्मार्ट बॉर्डर की संकल्पना से जुड़ेगी, तो लैंड पोर्ट अथॉरिटी हमारी आर्थिक सुरक्षा और सीमा सुरक्षा दोनों का एक महत्वपूर्ण अंग बन जाएगी।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 9 जून 2026 देश के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण दिन के तौर पर गिना जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री के तौर पर नरेन्द्र मोदी जी के सतत शासन के 12 साल पूरे होने का अवसर है। उन्होंने कहा कि कुछ नेता सत्ता में टिके रहने में ही ज्यादातर समय बिता देते हैं, लेकिन मोदी जी ने बीते 12 साल की सत्ता को साधना के रूप में स्वीकार करते हुए संपूर्ण देश को विकास की दिशा में आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने देश सेवा को ही जीवन का अर्थ बनाकर देश को आगे ले जाने का संकल्प ले रखा है। निष्काम कर्मयोगी की तरह मोदी जी ने ऐसी अनेक उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिनके कारण आज भारत हर क्षेत्र में विश्व स्तर पर मील का पत्थर बनकर उभरा है।

अमित शाह ने कहा कि मोदी जी चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 4398 दिन का कार्यकाल आज पूरा करेंगे और कल जवाहरलाल नेहरू जी का रिकॉर्ड तोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि अब देश में चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सबसे अधिक समय तक देश की सेवा करने का सौभाग्य प्रधानमंत्री मोदी जी को मिलेगा। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने अपने कार्यकाल में जन कल्याण को शासन का सूत्र बनाया।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने एक नया विचार रखा कि भारत का हर नागरिक ऐसा हो, जिसके पास अपना पक्का घर हो। देखते-देखते आज 4 करोड़ पक्के घर भारत के नागरिकों को मिल चुके हैं और 2 करोड़ घरों का निर्माण होने वाला है। उन्होंने कहा कि दो साल बाद भारत में एक भी परिवार ऐसा नहीं रहेगा जिसके पास अपना पक्का घर न हो। घर के साथ गैस सिलिंडर, शौचालय, शुद्ध पेय जल, 5 लाख रुपए तक का मुफ़्त इलाज, प्रतिमाह प्रति व्यक्ति 5 से 7 किलो मुफ़्त अनाज जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि चार-चार पीढ़ियों से बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे लोगों को मोदी जी ने अपने कार्यकाल के मात्र 12 वर्षों में यह बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई। अमित शाह ने कहा कि मोदी जी ने विकास के मायने बदल दिए। मोदी जी ने भारत के प्रशासनिक इतिहास में हर आयाम को छूने वाले ‘360 डिग्री विकास’ की परिकल्पना शुरू की। भारत को पहले ‘फ्रेजाइल फाइव’ में गिना जाता था, जबकि मोदी जी के इन प्रयासों के कारण आज भारत सभी बड़े देशों में सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था भी बन गया है। गृह मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे हैं। अस्थिर वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत स्थिरता और तेज गति के साथ अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ रहा है।

अमित शाह ने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत के लोकतंत्र में आमूलचूल बदलाव हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था में परिवारवाद, जातिवाद और भ्रष्टाचार ऐसे नासूर बन गए थे कि लोग इनके साथ जीने की आदत डाल चुके थे। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी ने हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक मूलभूत परिवर्तन किया। उन्होंने परिवार की राजनीति, जाति की राजनीति और भ्रष्टाचार से कमाए धन के प्रभाव वाली राजनीति की जगह परफॉर्मेंस की राजनीति को स्थापित किया। इसके परिणामस्वरूप अनेक राज्यों में बार-बार चुनी जाने वाली सरकारें आईं, स्थिरता आई, स्थायी नीतियाँ बनीं और नीतियों का क्रियान्वयन तथा मॉनिटरिंग सरल हो गया। इस देश के राजनीतिक इतिहास में अगर किसी को पॉलिटिक्स ऑफ परफॉर्मेंस करने का श्रेय दिया जाए, तो वह श्रेय मोदी जी को जाता है। गृह मंत्री ने कहा कि महिला विकास की बात करने की जगह मोदी जी महिलाओं के नेतृत्व में विकास (Women Led Development) की दिशा में आगे बढ़े। सेना, पुलिस, विज्ञान, अनुसंधान, उद्यमिता, ड्रोन, खेल, स्टार्टअप, अंतरिक्ष – हर क्षेत्र में पहले इस देश की बेटियों को आगे बढ़ाने में समाज में झिझक थी। उन्होंने कहा कि आज कठिन से कठिन बॉर्डर इलाकों में तैनात बीएसएफ की सीमा प्रहरियों में बेटियाँ बराबर की संख्या में दिखती हैं, तो मन गद्गद हो जाता है। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने नागरिकों से संवाद की संकल्पना को भी बदला। आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों की रचना कर उन्होंने समावेशी विकास की परिकल्पना को जमीन पर उतारा। विकास की दौड़ में पीछे रह गए जिलों को 30 से अधिक पैरामीटर्स पर विकास का लक्ष्य और पर्याप्त संसाधन देकर उन्हें देश के सबसे विकसित जिलों के बराबर लाने का लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि कुछ आकांक्षी जिले अब कई पैरामीटर्स में देश के टॉप पाँच जिलों के बराबर पहुँच चुके हैं। उन्होंने कहा कि समावेशी विकास की यह कल्पना अब प्रशासनिक प्रेरणा, लोगों की आकांक्षाओं को जगाने और पुरुषार्थ से जुड़कर आगे बढ़ रही है, जबकि पहले यह माना जाता कि था कि जो जिस जिले से मंत्री या सांसद बनेगा, वही अपने जिले का विकास करेगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बीते 12 वर्ष में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं। 81 करोड़ लोगों को हर महीने 5 किलो मुफ्त राशन मिल रहा है। 58 करोड़ नए जनधन बैंक खाते खुले हैं। 44 करोड़ से अधिक लोगों के पास 5 लाख रुपए तक के इलाज के लिए आयुष्मान भारत कार्ड हैं। 16 करोड़ घरों में नल से जल पहुँचा है। 13 करोड़ किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के तहत सहायता मिली है। 12 करोड़ 76 लाख घरों में शौचालय बने हैं। 10 करोड़ 55 लाख घरों में गैस कनेक्शन पहुँचा है। 4 करोड़ से अधिक लोगों को पक्का आवास मिला है। 3 करोड़ से अधिक ग्रामीण गरीब महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं और 93 लाख स्व-सहायता समूह बनाए गए हैं। आज भारत डिजिटल लेन-देन में दुनिया में नंबर एक, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में नंबर दो और स्टार्टअप इकोसिस्टम में नंबर तीन पर है। उन्होंने कहा कि चाहे कोविड की महामारी हो या वैश्विक युद्धों के कारण उत्पन्न आर्थिक संकट, हमने भारत को संभाला और आगे बढ़ाया। लगातार 12 वर्ष के जीडीपी के आँकड़े साक्षी हैं कि कठिनाइयाँ आईं, लेकिन दूरदर्शी और मजबूत नेतृत्व के जरिए हमने चुनौतियों का सामना किया। भारत के कोविड प्रबंधन को विकसित देशों ने भी दुनिया में आई महामारियों से निपटने के इतिहास में एक रिकॉर्ड के रूप में स्वीकारा है।

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