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गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू का दौरा किया; बाढ़ एवं भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज जम्मू का दौरा किया और जम्मू संभाग के वर्षा, बाढ़ एवं भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया। गृह मंत्री जम्मू में चक मांगू गांव के बाढ़-प्रभावित लोगों से भी मिले।

अमित शाह ने तवी पुल, शिव मंदिर और जम्मू में बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए घरों का भी निरीक्षण किया।

दौरे के बाद केन्द्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक में ताज़ा स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, केन्द्र सरकार एवं केन्द्रशासित प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने हाल की घटनाओं में हुई जन-हानि पर दुख व्यक्त किया। अमित शाह ने कहा कि संकट की इस घड़ी में, पहले दिन से ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने केन्द्रशासित प्रदेश के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से बात की है और भारत सरकार ने बचाव कार्यों में अपनी पूरी शक्ति लगा दी है। अमित शाह ने कहा कि केन्द्रशासित प्रदेश और सभी एजेंसियों ने मिलकर संभावित नुकसान को बहुत कम किया है और समन्वित प्रयासों के साथ हम कई जानें बचाने में सफल हुए हैं।

अमित शाह ने कहा कि हमारी सभी अर्ली वॉर्निंग एप्स (EWAs) की पद्धतियों, उनकी सटीकता और उनकी जमीनी पहुँच का क्रिटिकल एनिलिसिस होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बार-बार समीक्षा कर व्यवस्था में सुधार करना ही हमें ज़ीरो कैज़ुअल्टी अप्रोच की दिशा में लेकर जा सकता है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मौसम विभाग व NDMA को डेटा एनालिटिक्स और AI के उपयोग से बादल फटने के कारणों का अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) पर्याप्त राशन की व्यवस्था करे और 10 दिन बाद कनेक्टिविटी की स्थिति को देखते हुए राशन की डिलिवरी ऑफलाइन करने का निर्णय लिया जा सकता है।

अमित शाह ने कहा कि एक-दो दिन में ही गृह मंत्रालय की सर्वेक्षण टीमें यहाँ नुकसान का जायजा लेने आएंगी और उसके बाद सहायता भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और जल विभाग को सक्रिय होकर जल आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सेना, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल और वायु सेना के मेडिकल दस्तों की सहायता ली जा सकती है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि चूँकि जम्मू-कश्मीर प्राकृतिक आपदा-संभावित क्षेत्र है इसीलिए केन्द्र के हिस्से के रूप में राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) के लिए 209 करोड़ रुपये की राशि केन्द्रशासित प्रदेश को आवंटित की गई है, जिससे यहाँ राहत कार्य शुरू हो गया है।

गृह मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार और केन्द्रशासित प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UTDMA) द्वारा समय पर दी गई चेतावनियों से जन-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिली। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), सेना, केन्द्रशासित प्रदेश आपदा मोचन बल (UTDRF), अन्य प्रतिक्रिया दल, सभी अलर्ट पर थे और हेलीकॉप्टर भी तैयार थे। उन्होंने कहा कि सेना और NDRF की तैनाती के बारे में भी सभी को सूचित कर दिया गया था।

अमित शाह ने कहा कि लोगों की निजी संपत्ति को नुकसान पहुँचा है और क्षतिग्रस्त घरों के लिए SDRF के तहत सहायता का आकलन किया जा रहा है और इसे जल्द से जल्द वितरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और उनकी मरम्मत का काम शुरू हो गया है। अधिकांश सड़कों पर यातायात शुरू हो गया है और जहाँ भी ज़रूरत है, राहत सामग्री पहुँचनी शुरू हो गई है। प्रभावित क्षेत्रों में 80 प्रतिशत से अधिक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है, लोगों को शुद्ध पेयजल मिलने लगा है और स्वास्थ्य सुविधाएँ सुचारू रूप से चल रही हैं। महत्वपूर्ण क्षेत्रों का बुनियादी ढांचा प्रभावित हुआ है और उसकी अस्थायी बहाली का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने सभी एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि केन्द्रशासित प्रदेश ने अत्यंत शीघ्रता और कुशलता से सफल बचाव अभियान चलाया। एहतियात के तौर पर 5000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। NDRF की 17 टीमें और सेना की 23 टुकड़ियाँ, भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर, UTDRF, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के जवान अभी भी पूरे अभियान में लगे हुए हैं और लोगों की मदद कर रहे हैं। केन्द्रशासित प्रदेश प्रशासन द्वारा राहत शिविरों में स्वास्थ्य सुविधाओं और भोजन की व्यवस्था की गई है और स्थिति बहुत जल्द सामान्य हो जाएगी।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर के लोगों को आश्वासन दिया कि संकट की इस घड़ी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में, केन्द्र सरकार जम्मू और कश्मीर के लोगों के साथ मजबूती के साथ खड़ी है और जनता की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करते हुए, पुनर्वास और पुनर्निर्माण को सुगम बनाने के लिए त्वरित राहत, वित्तीय सहायता और तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है।

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