गृह मंत्रालय ने राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से सुरक्षा तैयारियों के मूल्यांकन के लिए कल मॉक ड्रिल कराने को कहा है। देश के 244 वर्गीकृत जिलों में ग्राम स्तर तक यह सुरक्षा अभ्यास कराने का फैसला किया गया है। केन्द्रीय गृह सचिव गोविन्द मोहन आज राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ इस बारे में वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक करेंगे। सुरक्षा अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न नागरिक सुरक्षा उपायों की संचालनगत प्रभावकारिता और समन्वय क्षमता का आकलन और परीक्षण करना है।
इस अभ्यास का उद्देश्य सभी राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में नागरिक सुरक्षा तंत्र की तत्परता का आकलन करना और उसे बढ़ाना है। इसका प्राथमिक उद्देश्य एयर रेड वार्निंग सिस्टम की प्रभावशीलता का आकलन करना, भारतीय वायु सेना के साथ हॉट लाइन या रेडियो संचार्निंग का संचालन करना साथ ही नियंत्रण कक्षों की कार्य क्षमता का परीक्षण करना है। इस अभ्यास में किसी भी शत्रुतापूर्ण हमले की स्थिति में खुद को बचाने के लिए नागरिक सुरक्षा पहलुओं पर नागरिकों और छात्रों को प्रशिक्षण देना भी शामिल है। क्रैश ब्लैक आउट उपायों के प्रावधान के अलावा महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के छलावरण और निकासी योजना के पूर्वाभ्यास का प्रावधान भी मॉक ड्रिल में शामिल है।
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