संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा भारत, चीन, रूस और जापान को “जेनोफोबिक” कहने पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि सभी सदस्य देशों को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार अनुबंध में बुनियादी मानकों को कायम रखना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के उप प्रवक्ता फरहान हक से जब बाइडन के ‘जेनोफोबिक’ संबंधी बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने (हक ने) कहा, ‘‘उन्होंने (बाइडन ने) जो कहा है उसपर मैं टिप्पणी नहीं करूंगा, लेकिन निश्चित रूप से बाइडन ने चीन, जापान, रूस और भारत को “जेनोफोबिक” कहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 अप्रैल 2026 को उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री…
ईरानी बंदरगाहों से जहाजों की आवाजाही अवरुद्ध करने की अमरीका की घोषणा के बाद वैश्विक…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज विज्ञान भवन में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम को संबोधित किया।…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज पीटर मैग्यार और टिस्ज़ा पार्टी को उनकी शानदार चुनावी जीत…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले में हुई दुखद घटना पर अपनी…
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के अंतर्गत प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने…