अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने वर्तमान और आगामी वित्तीय वर्ष के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि पूर्वानुमान को आधिकारिक तौर पर बढ़ाकर सात प्रतिशत कर दिया है।
बैंकॉक में आयोजित वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष बैठक में अक्टूबर 2026 की विश्व आर्थिक आउटलुक रिपोर्ट में उल्लेखनीय संशोधन हुआ है। आईएमएफ ने जुलाई के अनुमानों में मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए छह दशमलव चार प्रतिशत और आगामी वित्तीय वर्ष के लिए छह दशमलव सात प्रतिशत वृद्धि हुई है।
अत्यधिक अस्थिर वैश्विक आर्थिक परिदृश्य के बावजूद, कई संरचनात्मक मजबूती भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं। इनमें मजबूत घरेलू मांग, सेवाओं की मजबूत गतिविधि और संरचनात्मक सुधार एवं जनसांख्यिकी शामिल हैं।
भारत एक ओर सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है, वहीं दूसरी ओर मिश्रित वैश्विक अर्थव्यवस्था के माहौल का सामना कर रहा है। आईएमएफ ने प्रतिमान रूप में 2026 के लिए औसतन 95.74 डॉलर प्रति बैरल अनुमानित उच्च वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों की बात कही थी जो राजकोषीय मार्जिन के लिए लगातार एक बाधा बनी हुई हैं।
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