भारत के मुख्य न्यायाधीश डॉ. डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा है कि नए आपराधिक कानूनों का लागू होना स्पष्ट रुप से दर्शाता है कि देश बदल रहा है और आगे बढ़ रहा है। आज नई दिल्ली में एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. चन्द्रचूड़ ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम इन तीनों आपराधिक कानूनों का लागू होना दर्शाता है कि देश अपनी आपराधिक न्याय प्रणाली में महत्वपूर्ण परिवर्तन करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि इन कानूनों ने आपराधिक न्याय की दिशा में भारत के कानूनी ढांचे को एक नए युग में बदल दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग पर जोर देते हुए डॉ. चन्द्रचूड़ ने कहा कि आपराधिक जांच के मामलों में न्यायपालिका को एआई की मदद से जांच की प्रगति में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रक्रियाओं में असमान्यता का पता लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ये सभी नए कानून तभी सफल होंगे जब देश का प्रत्येक नागरिक इन्हें अपनाएगा।
कानून और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि 21वीं सदी में नए आपराधिक कानूनों का लागू होना एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि इन कानूनों में ऑनलाइन जांच और ई-फाइलिंग जैसे विशेष प्रावधान भी शामिल हैं।
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