उड़ीसा में चक्रवाती तूफान के बाद लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण राज्य में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित
उड़ीसा में चक्रवाती तूफान के बाद लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण राज्य के गंजम और गजपति जिलों में बाढ़ से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अस्का, धराकोट, सोरडा और भंजनगर सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल हैं।
भारतीय तट रक्षक बल ने गंजाम और गजपति के उन गांव में फंसे लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर से बचाव अभियान शुरू किया है, जहां पहुंचना मुश्किल है। एन.डी.आर.एफ. ओड्राफ और अग्निशमन सेवा के कर्मी बचाव और राहत कार्य में जुटे हुए हैं। ऋषिकुल्या नदी कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे गांव और निचले इलाकों में पानी भर गया है। भ्रमपुर, धराकोट, सोरड़ा, आस्का और भंजनगर में भी जलभराव की सूचना है। मौजूदा बाढ़ से एक हजार से अधिक गांव बूरी तरह प्रभावित हुए हैं। रेलवे ट्रैक और पुलों के डूब जाने के कारण ईस्ट–कोस्ट रेलवे ने नौ ट्रेनों को रद्द कर दिया है और 14 अन्य ट्रेन के मार्ग बदल दिए गए हैं। गंजाम और गजपति में शिक्षण संस्थान कल तक बंद रहेंगे जबकि अचानक बाढ़ प्रभावित सुंदरगढ़ जिले में भी आज स्कूल और कॉलेज बंद हैं। आईएमडी ने आज उड़ीसा के कुछ हिस्सों में आंधी, तूफान और बिजली गिरने का अनुमान जताया है। साथ ही दक्षिण उड़ीसा तट के कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना है।





