पश्चिम एशिया में मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार ने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए प्राकृतिक गैस के उत्पादन को विनियमित करने, आपूर्ति बनाए रखने, समान वितरण और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार घरेलू पाइपलाइन प्राकृतिक गैस आपूर्ति, परिवहन के लिए सीएनजी, एलपीजी उत्पादन, पाइपलाइन कंप्रेसर ईंधन और अन्य आवश्यक पाइपलाइन परिचालन आवश्यकता वाले क्षेत्रों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में प्राथमिकता दी गई है। अधिसूचना में कहा गया है कि आपूर्ति को पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत के 100 प्रतिशत परिचालन उपलब्धता के अधीन बनाए रखा जाएगा।
आदेश में कहा गया है कि उर्वरक संयंत्रों को पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत के 70 प्रतिशत के बराबर प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। गैस विपणन संस्थाएं यह सुनिश्चित करेंगी कि राष्ट्रीय गैस ग्रिड के माध्यम से आपूर्ति किए जाने वाले चाय उद्योग, विनिर्माण और अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं को पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत के 80 प्रतिशत के बराबर गैस की आपूर्ति बनी रहे। आदेश में यह भी कहा गया है कि सभी शहरी गैस वितरण संस्थाएं यह सुनिश्चित करेंगी कि औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को आपूर्ति किए जाने वाली गैस उनकी पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत का 80 प्रतिशत हो।
भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के चौथे, पांचवें और छठे एयर कुशन व्हीकल (एसीवी) का ‘गर्डर…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में पश्चिम एशिया पर अनौपचारिक…
संयुक्त परामर्श तंत्र (जेसीएम) की राष्ट्रीय परिषद की 49वीं बैठक आज दोपहर 3:00 बजे, सेवा…
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए दोहरीघाट-औड़िहार यात्री ट्रेन को वर्चुअल…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना के 75 वर्ष पूरे…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सोमनाथ अमृत महोत्सव के शुभ अवसर पर भारतीय वायु सेना…