भारत ने अफगानिस्तान की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र महासभा-यूएनजीए के प्रस्ताव पर हुए मतदान से खुद को अलग रखा। भारत का कहना है कि नई और लक्षित पहलों के बिना कामचलाउ शैली के दृष्टिकोण से अंतर्राष्ट्रीय समुदाय अफगान लोगों के लिए सोचे गये परिणामों को प्राप्त नहीं कर पाएगा। संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव पर मतदान की व्याख्या करते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि पर्वतानेनी हरीश ने कहा कि भारत अफगानिस्तान की सुरक्षा स्थिति की निगरानी कर रहा है।
पर्वतानेनी हरीश ने कहा कि अफगानिस्तान को लेकर भारत का दृष्टिकोण हमेशा ही अफगान के लोगों के साथ दीर्घकालिक और विशेष मित्रता से प्रेरित रहा है। उन्होंने कहा कि एक दीर्घकालिक साझेदार के रूप में अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने में भारत का हित सीधे जुड़ा हुआ है।
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