केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल चार दिन की यात्रा पर आज भूटान पहुंचे। उनकी यात्रा भारत-भूटान द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
भारत और भूटान के बीच परस्पर विश्वास, समझ और विभिन्न क्षेत्रों में घनिष्ठ सहयोग पर आधारित उत्कृष्ट द्विपक्षीय संबंध हैं। केंद्रीय विद्युत मंत्री की यात्रा ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास सहयोग और सुदृढ़ बनाने के साझा दृष्टिकोण को दर्शाती है।
यात्रा के दौरान मनोहर लाल ने भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से मुलाकात की। बैठक में दोनों नेताओं ने स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
एक अन्य बैठक में मनोहर लाल ने भूटान के ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन मंत्री, ल्योनपो जेम शेरिंग के साथ जलविद्युत क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने और नवीकरणीय ऊर्जा और क्षेत्रीय विद्युत व्यापार में भविष्य के अवसरों पर चर्चा की।
विद्युत क्षेत्र में सहयोग का दायरा विस्तृत करते हुए, भारत और भूटान ने द्विपक्षीय संस्थागत ढांचागत स्थापित किया है। यह तंत्र परस्पर सहयोग अधिक सुदृढ़ बनाने में दोनों देशों के बीच मौजूदा और भविष्य योजनाओं की नियमित समीक्षा और समन्वय में सक्षम बनाएगा। सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में गैर-जल विद्युत ऊर्जा, सीमा पार पारेषण, परियोजना वित्तपोषण, क्षमता निर्माण और संस्थागत साझेदारी शामिल है।
इस अवसर पर दोनों पक्षों ने निम्नलिखित सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए:
केंद्रीय विद्युत मंत्री की यात्रा के दौरान बैठकों और बातचीत से सहयोग के नए मार्ग प्रशस्त होने की संभावना है, जिससे दोनों देशों में निरंतर समृद्धि और खुशहाली बढ़ेगी।
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