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भारत और जर्मनी ने दूरसंचार सहयोग पर संयुक्त आशय घोषणा पत्र (जेडीआई) पर हस्ताक्षर किए

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की 12-13 जनवरी 2026 को भारत की आधिकारिक यात्रा के दौरान भारत और जर्मनी ने दूरसंचार सहयोग पर एक संयुक्त आशय घोषणा पत्र (जेडीआई) पर हस्ताक्षर किए। इस संयुक्त घोषणा पत्र पर भारत सरकार की ओर से सचिव (दूरसंचार) अमित अग्रवाल और जर्मनी सरकार की ओर से भारत में जर्मन राजदूत डॉ. फिलिप एकरमैन ने हस्ताक्षर किए।

भारत के प्रधानमंत्री और जर्मनी के चांसलर के बीच हुई वार्ताओं के प्रमुख परिणामों में से एक के रूप में जेडीआई पर हस्ताक्षर किए गए। यह घोषणापत्र भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (डीओटी) और जर्मनी की सरकार के डिजिटल परिवर्तन और सरकारी आधुनिकीकरण मंत्रालय (बीएमडीएस) के बीच संपन्न हुआ।

संयुक्त घोषणापत्र दूरसंचार और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो भारत-जर्मनी संबंधों को बढ़ावा देने और निरंतर उच्च स्तरीय जुड़ाव पर आधारित है।

जेडीआई नियमित परामर्श और उच्च स्तरीय वार्षिक बैठकों के लिए एक ढांचा स्थापित करता है, जिसे समर्पित कार्य समूहों और सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत और अनुसंधान संस्थानों सहित बहु-हितधारक सहभागिता द्वारा समर्थित किया जाता है। ये सहभागिताएं संरचित, परिणामोन्मुखी सहयोग सुनिश्चित करने में सहायक होंगी।

जेडीआई के तहत, दोनों पक्षों ने नियमित रूप से सूचनाओं और सर्वोत्तम प्रणालियों के आदान-प्रदान, उभरती और भविष्य की प्रौद्योगिकियों में सहयोग को बढ़ावा देने और नीति एवं नियामक ढांचे, विनिर्माण और दूरसंचार तथा आईसीटी क्षेत्रों में कारोबारी सुगमता जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रयासों के माध्यम से सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है।

दोनों पक्षों ने संयुक्त रूप से एक कार्ययोजना विकसित करने की इच्छा व्यक्त की, जिसमें विशिष्ट लक्ष्यों और पारस्परिक हित के क्षेत्रों को चिन्हि्त किया जाएगा, जिससे दोनों पक्षों की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार हो सकेगी। दोनों देशों ने दूरसंचार और डिजिटल विकास पर आपसी समझ को बढ़ावा देने और साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए प्रासंगिक अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिलकर काम करने की तत्परता भी व्यक्त की है।

संयुक्त आशय घोषणापत्र पर हस्ताक्षर दूरसंचार और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) में भारत-जर्मनी सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और समावेशी एवं टिकाऊ डिजिटल परिवर्तन के साझा उद्देश्य का समर्थन करता है।

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