भारत

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान (TOFEI) एप्लिकेशन के पायलट संस्करण का शुभारंभ किया

विश्व तंबाकू निषेध दिवस (डब्ल्यूएनटीडी) 2026 के अवसर पर पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने आज कर्तव्य भवन में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के अंतर्गत आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यक्रम में तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान (टीओएफईआई) एप्लिकेशन के पायलट संस्करण का शुभारंभ किया। यह तंबाकू और निकोटीन की लत के विनाशकारी स्वास्थ्य, सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय परिणामों से वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों की रक्षा के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

टीओएफईआई एक डिजिटल पहल है जिसका उद्देश्य देश भर के स्कूलों और कॉलेजों में तंबाकू मुक्त मानदंडों के कार्यान्वयन और निगरानी को मजबूत करना है।

इस एप्लिकेशन को निम्नलिखित कार्यों को सुविधाजनक बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है:

  • शैक्षणिक संस्थानों द्वारा स्व-मूल्यांकन और रिपोर्टिंग;
  • टीओएफईआई दिशा-निर्देशों के अनुपालन की निगरानी;
  • तंबाकू नियंत्रण संबंधी चिन्हों की आवश्यकताओं का कार्यान्वयन;
  • शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध;
  • छात्रों और शिक्षकों के लिए जागरूकता और संवेदीकरण गतिविधियां; और
  • कैंपस में तंबाकू मुक्त उपायों के प्रवर्तन को मजबूत करना।

इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, शैक्षणिक संस्थानों और कार्यक्रम अधिकारियों को मानकीकृत निगरानी, ​​रिपोर्टिंग और अनुपालन मूल्यांकन तंत्र के माध्यम से सहयोग मिलने की आशा है, जिससे जवाबदेही बढ़ेगी और बच्चों और किशोरों के लिए स्वस्थ, तंबाकू मुक्त वातावरण को बढ़ावा मिलेगा। राजस्थान, मेघालय और महाराष्ट्र- तीन राज्यों में इस एप्लिकेशन के प्रायोगिक कार्यान्वयन से परिचालन व्यवहार्यता का आकलन करने, कार्यान्वयन और रिपोर्टिंग तंत्र को मजबूत करने और देश भर में प्लेटफॉर्म के भविष्य के विस्तार के लिए मार्गदर्शन प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

इस अवसर पर, मंत्रालय ने तंबाकू उत्पादों के नमूने एकत्र करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की, जिसका उद्देश्य तंबाकू उत्पादों से संबंधित निगरानी, ​​नियामक अनुपालन और गुणवत्ता आश्वासन को मजबूत करना है। एसओपी में परीक्षण प्रक्रियाओं में एकरूपता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए तंबाकू उत्पाद नमूनों के संग्रह, प्रबंधन, भंडारण, परिवहन और प्रलेखन के लिए मानकीकृत प्रक्रियाएं दी गई हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस का इस वर्ष का विषय, “अनमास्किंग द अपील- काउंटरिंग निकोटीन एंड टुबैको अडिक्शन”, अर्थात निकोटीन और तंबाकू की लत को छुड़ाने की अपील का व्यापक स्तर पर प्रसार रणनीति। यह विषय युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को तंबाकू और निकोटीन की लत के हानिकारक प्रभावों से बचाने के संदर्भ में विशेष रूप से प्रासंगिक है।

उन्होंने देखा है कि तंबाकू और निकोटीन उत्पादों को अक्सर इस तरह से डिजाइन और विपणन किया जाता है जिससे विशेषकर युवाओं को लुभाने के लिए वे आकर्षक लगें। इसके लिए आकर्षक स्वाद, पैकेजिंग, अप्रत्यक्ष विज्ञापन और सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने वाले चित्रण का उपयोग किया जाता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ऐसी रणनीतियां तंबाकू और निकोटीन के सेवन के बारे में गलत धारणा पैदा कर सकती हैं और युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के महत्व पर बल दिया ताकि वे जागरूक रहें, सतर्क रहें और तंबाकू एवं निकोटीन के सेवन को अस्वीकार करने के लिए प्रतिबद्ध हों।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि इस अवसर पर शुरू की गई दोनों पहले निकोटीन और तंबाकू की लत से निपटने के लिए सरकार की व्यापक रणनीति के महत्वपूर्ण स्तंभों को दर्शाती हैं।

नमूना संग्रह के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नियामक और प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करना तंबाकू नियंत्रण प्रयासों का एक महत्वपूर्ण घटक है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वैज्ञानिक नमूना संग्रह, उचित परीक्षण प्रक्रियाएं और पूरी श्रृंखला की अखंडता बनाए रखना प्रभावी प्रवर्तन और नियामक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि एसओपी प्रक्रियाओं को मानकीकृत करने में सहायता करेगी और राज्यों तथा कार्यान्वयन एजेंसियों को अनुपालन और प्रवर्तन प्रयासों को मजबूत करने में सहयोग प्रदान करेगी।

तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान एप्लिकेशन के पायलट संस्करण के शुभारंभ के अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि देश भर में जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, डेंटल कॉलेजों, आयुष संस्थानों, गैर-संचारी रोग क्लीनिकों और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं में 2,000 से अधिक तंबाकू त्याग केंद्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने शिक्षण संस्थानों और परिसरों को तंबाकू मुक्त प्रथाओं को अपनाने और बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने हितधारकों और भागीदार संस्थानों से भी अपील की कि वे इस एप्लिकेशन का सक्रिय रूप से उपयोग करें और पायलट चरण के दौरान प्रतिक्रिया दें ताकि इस पहल को और मजबूत बनाया जा सके।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि तंबाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, पुरानी श्वसन संबंधी बीमारियों और कई अन्य गैर-संक्रामक रोगों (एनसीडी) में महत्वपूर्ण योगदान देता है और यह देश में मृत्यु और दिव्यांगता का एक बड़ा कारण है।

उन्होंने देश भर में तंबाकू नियंत्रण पहलों को मजबूत करने में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य पेशेवरों, प्रवर्तन अधिकारियों, नागरिक समाज संगठनों और सामुदायिक कार्यकर्ताओं के निरंतर प्रयासों की सराहना की और सभी हितधारकों से भावी पीढ़ियों को तंबाकू और निकोटीन की लत से बचाने के लिए सतर्क और एकजुट रहने का आह्वान किया।

संयुक्त सचिव श्री प्रभाकर ने साक्ष्य-आधारित तंबाकू नियंत्रण नीतियों को आगे बढ़ाने और युवाओं को उभरते निकोटीन और तंबाकू उत्पादों से बचाने में भारत के निरंतर नेतृत्व पर जानकारी दी।

उप महानिदेशक डॉ. एल. स्वास्तिचरण ने बच्चों, किशोरों और युवाओं को तंबाकू और निकोटीन की लत के खतरे से बचाने के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता की भी जानकारी दी।

डब्ल्यूएनटीडी 2026 का आयोजन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा घोषित विषय “अनमास्किंग द अपील- काउंटरिंग निकोटीन एंड टुबैको अडिक्शन” के अनुरूप है। यह अभियान तंबाकू और निकोटीन उद्योगों द्वारा युवाओं को लुभाने के लिए अपनाई जा रही विभिन्न रणनीतियों पर ध्यान आकर्षित करता है, जिनमें आकर्षक स्वाद, पैकेजिंग, डिजिटल मार्केटिंग और भ्रामक उत्पाद प्रचार शामिल हैं।

इस कार्यक्रम के दौरान “तंबाकू निषेध की शपथ” दिलाई गई, जिसमें तंबाकू मुक्त और स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एनटीसीपी वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन “तंबाकू निषेध की शपथ” की सुविधा भी उपलब्ध कराई है और सहयोगी मंत्रालयों, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और हितधारकों को इस शपथ का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिकतम भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रेरित किया है।

युवाओं को शामिल करने और जागरूकता फैलाने की गतिविधियों के अंतर्गत नई दिल्ली के एचआरआईडीएवाई के सहयोग से स्कूली छात्रों द्वारा तंबाकू के सेवन और निकोटीन की लत के हानिकारक प्रभावों को उजागर करने वाला एक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया।

इस कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों, विकास भागीदारों, स्वास्थ्य पेशेवरों, नागरिक समाज संगठनों और तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में कार्यरत अन्य हितधारकों ने भाग लिया।

Editor

Recent Posts

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने न्यूयॉर्क में कई उच्च स्तरीय व्यापार और निवेश बैठकें कीं

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने न्यूयॉर्क में कई उच्च स्तरीय व्यापार और…

3 घंटे ago

मौसम विभाग का जून में पूरे देश में सामान्य से कम वर्षा का अनुमान, कई राज्यों में लू की संभावना

मौसम विभाग ने जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम में देश भर…

4 घंटे ago

सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने देश के सभी उच्‍च न्‍यायालयों को फैसले सुरक्षित रखने के तीन महीने के भीतर उसे सुनाने के निर्देश दिए

सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने आज देश के सभी उच्‍च न्‍यायालयों को फैसले सुरक्षित रखने के तीन…

4 घंटे ago

भारत ने अपनी 2026 की अध्यक्षता के तहत ब्रिक्स एमएसएमई सहयोग को आगे बढ़ाया

नई औद्योगिक क्रांति के लिए ब्रिक्स साझेदारी (पार्टएनआईआर) के तहत एसएमई कार्य समूह का नेतृत्व…

5 घंटे ago