भारत और इज़राइल ने आतंकवाद और आतंकी संगठनों, उनके समर्थकों, प्रायोजकों, वित्तपोषकों और मददगारों से निपटने में सहयोग करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। कल नई दिल्ली में आयोजित भारत-इजराइल संयुक्त कार्यसमूह-जे डब्ल्यू जी की आतंकरोधी 10वीं बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने सभी तरह के आतंकवाद की कड़ी निंदा की और इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए लगातार व्यापक और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता है।
इस बैठक में भारत और इस्राइल के बीच द्विपक्षीय सहयोग के महत्व पर बल दिया गया दोनों देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों से संयुक्त रूप से लड़ने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि की। दोनों पक्षों ने इस्राइल में 7 अक्टूबर 2023 को हुए आतंकी हमले और जम्मू–कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के साथ अन्य हालिया हमलों की भी निंदा की। उन्होंने आतंकवादी भर्ती, प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग, आतंकवाद वित्तपोषण और आतंकी गतिविधियों के लिए मानवरहित हवाई वाहनों, ड्रोन और एआई के बढ़ते उपयोग जैसे उभरते खतरों पर चर्चा की। दोनों पक्ष प्रशिक्षण, साइबर सुरक्षा, सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान–प्रदान और सूचना साझाकरण के साथ–साथ कानून प्रवर्तन और न्यायिक समन्वय को बढ़ाकर सहयोग को मजबूत करने पर सहमत हुए। दोनों पक्षों ने आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह की अगली बैठक इज़राइल में आयोजित करने का निर्णय लिया।
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