भारत और रूस ने आज रक्षा, व्यापार, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, संस्कृति और मीडिया से जुड़े क्षेत्रों में कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। नई दिल्ली में 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत-रूस मैत्री वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की शक्ति प्रदान करेगी और यही विश्वास दोनों देशों का साझा भविष्य सुनिश्चत करेगा। उन्होंने कहा कि भारत और रूस आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने भारत के इस अटूट विश्वास को दोहराया कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर सीधा हमला है और कहा कि वैश्विक एकता आतंकवाद के खिलाफ सबसे बड़ी ताकत है।
यूक्रेन के मुद्दे पर, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत शुरू से ही यूक्रेन मुद्दे पर शांति का पक्षधर रहा है। उन्होंने इस मामले के शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा अपना योगदान देने के लिए तैयार रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष यूरेशियन आर्थिक संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि भारत जल्द ही रूसी नागरिकों के लिए 30-दिवसीय निःशुल्क ई-पर्यटक वीज़ा और 30-दिवसीय समूह पर्यटक वीज़ा शुरू करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश ध्रुवीय जलक्षेत्र में भारत के नाविकों के प्रशिक्षण पर सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि इससे न केवल आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग मजबूत होगा, बल्कि भारत के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा भारत-रूस साझेदारी का एक मजबूत और महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है। उन्होंने कहा कि असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में दशकों पुराना सहयोग स्वच्छ ऊर्जा की साझा प्राथमिकताओं को सार्थक बनाने में महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भारत का सहयोग पूरी दुनिया में सुरक्षित और विविध आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन की यात्रा ऐसे समय में हुई है जब द्विपक्षीय संबंध कई ऐतिहासिक मील के पत्थर छू रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में दुनिया ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं और इन सबके बीच, भारत-रूस संबंध समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों देश यूरिया उत्पादन में घनिष्ठ सहयोग करेंगे। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि लगभग 25 वर्ष पहले राष्ट्रपति पुतिन ने भारत-रूस की कार्यनीतिक साझेदारी की आधारशिला रखी थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि 15 वर्ष पहले 2010 में साझेदारी को विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त कार्यनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ा दिया गया।
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