भारत

भारत और दक्षिण अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (SACU) ने प्राथमिकता पूर्ण व्यापार समझौते की दिशा में बातचीत के लिए संदर्भ एवं शर्तों (ToR) पर हस्ताक्षर किए

नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में आज भारत और दक्षिण अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (एसएसीयू) ने प्राथमिकतापूर्ण व्यापार समझौते (पीटीए) की दिशा में बातचीत के लिए संदर्भ एवं शर्तों (टीओआर) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते पर हस्ताक्षर भारत और एसएसीयू सदस्य देशों के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और दक्षिण अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (एसएसीयू) के बीच एक संतुलित, निष्पक्ष और समान व्यापार समझौते का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह साझेदारी बाजारों में विविधता लाने और दोनों पक्षों के लिए समृद्ध होने के अवसर पैदा करने में मदद कर सकती है। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत एसएसीयू क्षेत्र में सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने और आईटी क्षेत्र में नई प्रतिभाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मंत्री ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के साथ भारत का जुड़ाव लंबे समय से चली आ रही बराबरी की साझेदारी में निहित है और यह व्यापार से कहीं आगे तक फैला हुआ है। उन्होंने याद दिलाया कि दक्षिण अफ्रीका भारत की राष्ट्रीय स्मृति में एक विशेष स्थान रखता है। साथ ही उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के साथ भारत के रिश्ते की शुरुआत व्यापार से नहीं, बल्कि अंतरात्मा की आवाज से हुई थी। महात्मा गांधी को स्मरण करते हुए उन्होंने रंगभेद के खिलाफ संघर्ष में दक्षिण अफ्रीका के लोगों के लिए भारत के समर्थन पर भी प्रकाश डाला।

पीयूष गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि इन बातचीत का मकसद पहले से बने हुए व्यापारिक रिश्तों को प्राथमिकतापूर्ण बाजार तक पहुंच दिलाना है, जिसमें इंजीनियरिंग के सामान और मशीनरी, ऑटोमोबाइल, दवा, कपड़ा, कृषि और कृषि-प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में एक-दूसरे के पूरक होने की बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने वार्ता करने वाली टीमों से शीघ्रता से आगे बढ़ने का आह्वान किया और भारत-एसएसीयू पीटीए को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में सहमत संदर्भ शर्तों को एक ठोस प्रक्रिया में बदलने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने आगे कहा कि आज हम जिस समझौते पर हस्ताक्षर कर रहे हैं, उससे न तो कोई टैरिफ कम होगा और न ही कोई कंटेनर क्लियर होगा। ऐसा केवल अंतिम समझौते से ही हो पाएगा। उन्होंने पीटीए को जल्द से जल्द पूरा करने का आह्वान किया। इस समारोह में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और एसएसीयू प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए।

नामीबिया गणराज्य की सरकार के अंतरराष्ट्रीय संबंध और व्यापार मंत्रालय की कार्यकारी निदेशक न्दीता न्घिपोंडोका-रोबियाती ने टीओआर पर हस्ताक्षर किए जाने का स्वागत किया। इसे एसएसीयू-भारत के बीच संबंधों को औपचारिक बनाने और भविष्य में होने वाली बातचीत का आधार बनाने, पारदर्शिता लाने और पूर्वानुमान-योग्यता प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया। दक्षिण अफ्रीका के रणनीतिक साझेदार एवं स्तंभ और दक्षिण के प्रति सहयोग के रूप में भारत के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने व्यापार, निवेश, क्षमता निर्माण और विकास सहयोग के माध्यम से भारत और अफ्रीका के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एसएसीयू एक ऐसे परिणाम को बहुत अहमियत देता है जो संतुलित हो और जिसमें शामिल देशों के विकास के अलग-अलग स्तरों का ध्यान रखा गया हो, विशेष रूप से एसएसीयू सदस्य देशों के हितों और विकास की जरूरतों को ध्यान में रखता हो, जिसमें इसके सबसे कम विकसित देश और छोटी और कमजोर अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग के सचिव राजेश अग्रवाल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह अफ्रीकी क्षेत्र के साथ भारत का पहला टीओआर हस्ताक्षर है और उन्होंने दुनिया के सबसे पुराने सीमा शुल्क संघ के रूप में एसएसीयू के महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पीटीए में आठ महत्वपूर्ण अध्यायों को शामिल करने की परिकल्पना की गई है। इनमें वस्तुओं के व्यापार और वस्तुओं के लिए बाजार पहुंच; ओरिजिन के नियम और ओरिजिन से जुड़ी प्रक्रियाएं; सीमा शुल्क प्रक्रियाएं और व्यापार सुविधा; द्विपक्षीय सुरक्षा तंत्र सहित व्यापारिक उपाय; सैनिटरी और फाइटोसैनिटरी उपायों (स्वच्छता और पादप स्वच्छता उपाय); व्यापार में तकनीकी बाधाओं को दूर करने के उपाय; विवादों का निपटारा और कानूनी एवं समान रूप से नियमों के लागू होने के प्रावधान शामिल हैं।

टीओआर पर हस्ताक्षर पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए भारत और एसएसीयू की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है और एक संतुलित, पारस्परिक रूप से लाभकारी और विकास-उन्मुख पीटीए की दिशा में बातचीत की नींव रखता है।

Editor

Recent Posts

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ग्लोबल साउथ देशों की बैठक को संबोधित किया

विदेश मंत्री डॉक्टर एस. जयशंकर ने बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक चुनौतियों, जलवायु संबंधी आपदाओं और…

3 घंटे ago

डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे का समर्थन किया

अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने ‘भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे’- आई एम ई सी का…

3 घंटे ago

राष्ट्रपति ने 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए; अनंत नाग को दादासाहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज एकता नगर, केवड़िया, गुजरात में आयोजित समारोह में 72वें राष्ट्रीय…

14 घंटे ago

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने एयरोड्रोम विकास के लिए चैलेंज मोड का शुभारंभ किया

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आज उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के अगले चरण…

14 घंटे ago

महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) ने ‘विशेष अभियान 6.0’ के लिए तैयारियां तेज की

महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) ने ‘विशेष अभियान 6.0’ के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।…

14 घंटे ago

केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने यूरोपीय संसद के ITRE प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत की

केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने आज नई दिल्ली में यूरोपीय संसद…

14 घंटे ago