भारत और अमेरिका ने साइबर अपराधों की जांच में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी। बाइडन प्रशासन द्वारा ट्रंप प्रशासन को प्रभार सौंपे जाने से तीन दिन पहले इस समझौते पर हस्ताक्षर किये गये हैं।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि शुक्रवार को वाशिंगटन डीसी में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा और कार्यवाहक अमेरिकी उप-गृह सुरक्षा सचिव (डीएचएस) क्रिस्टी कैनेगैलो ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। उसने कहा कि इस समझौते से दोनों देशों की संबंधित एजेंसियों को आपराधिक जांच में साइबर खतरे की खुफिया जानकारी और डिजिटल फॉरेंसिक के उपयोग के संबंध में सहयोग और प्रशिक्षण के स्तर को बढ़ाने की अनुमति मिल जाएगी।
भारत की ओर से गृह मंत्रालय का ‘इंडियन साइबरक्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (आई4सी)’ इस समझौते के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार है। अमेरिका की ओर से, डीएचएस और उसकी घटक एजेंसियों–‘यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इन्फोर्समेंट’ और ‘होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशन्स साइबर क्राइम सेंटर’ को समझौते को लागू करने का काम सौंपा गया है।
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