राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने वैश्विक भू-रा4जनीतिक संघर्षों के बीच उभरती सुरक्षा और आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए बिम्स्टेक सदस्य देशों में घनिष्ठ सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया है। आज नई दिल्ली में बिम्स्टेक राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों की पांचवीं बैठक में अजीत डोभाल ने कहा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान के कारण सभी देशों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिम्सटेक सदस्य देशों के लिए सहयोग करना, पारस्परिक लाभ के लिए निर्णायक कदम उठाना और आपसी चर्चाओं के माध्यम से समाधान खोजना अत्यंत आवश्यक है।
क्षेत्रीय सुरक्षा, संपर्क, निर्माण क्षेत्र और आर्थिक सुरक्षा को बढाने में बिम्सटेक के सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाते रहना चाहिए। भारत के लिए, बिम्सटेक पडोस प्रथम के हमारे दृष्टिकोण और महासागर के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए प्रगति का प्रतीक है।
अजीत डोभाल ने कहा कि बिम्स्टेक हिंद महासागर के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को एक साथ लाता है, जिनकी संयुक्त जीडीपी लगभग 50 खरब अमरीकी डॉलर है। हमारे लिए ज़रूरी है कि हम मिलकर काम करें। आपसी फ़ायदे के लिए एक ठोस कदम उठाएं और उन बड़ी समस्याओं का समाधान आपसी बातचीत और विचार-विमर्श से निकालें जिनका हम सभी सामना कर रहे हैं। बिम्सटेक हिंद महासागर के सबसे महत्वपूर्ण और जीवंत क्षेत्रों को एक मंच पर लाता है। यहाँ एक अरब 70 करोड लोग रहते हैं, जो दुनिया की आबादी का लगभग 22 प्रतिशत है।
अजीत डोभाल ने कहा कि सदस्य देशों ने आतंकवाद, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, साइबर खतरों और समुद्री सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में सहयोग को आगे बढ़ाया है।
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