भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षकों के साथ हुए अपराधों पर सजा सुनिश्चित करने की मांग की है। भारत ने कहा है कि शांति रक्षा मिशनों की सफलता के लिए जवाबदेही तय करना रणनीतिक रूप से आवश्यक है।
संयुक्त राष्ट्र ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स की एक उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि शांति रक्षकों को खतरनाक इलाकों में सेवा देते हुए गंभीर खतरों का सामना करना पड़ता है, लेकिन उनके साथ होने वाले अधिकांश अपराधों के लिए सजा सुनिश्चित नहीं हो पाती। पिछले 70 वर्षों में भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के लिए तीन लाख से अधिक शांति रक्षक भेजे हैं। इस मिशन के लिए भारत का योगदान सबसे बड़ा है।
उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने वाराणसी में बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड के…
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर अमरीका के न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र…
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और जापान के वायु आत्म-रक्षा बल के प्रमुख,…
भारत और श्रीलंका के बीच द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘स्लिनेक्स-26’ का 13वां संस्करण 17 से 21…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के दो दिवसीय…
भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (एसकेएटी) ने 19 और 20 सितंबर 2026 को…