काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने बाढ़ प्रभावित नेपाल में अधिकारियों को स्लीपिंग बैग, कंबल और तिरपाल सहित आपातकालीन राहत सामग्री की पहली खेप सौंपी। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है।
भारतीय दूतावास ने एक विज्ञप्ति में कहा कि नेपाल में हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए सोमवार को 4.2 टन सहायता सामग्री हिमालयी देश को सौंपी गई हैं। यहां पिछले महीने के आखिर में कई दिनों तक लगातार हुई बारिश के कारण व्यापक बाढ़ और भूस्खलन हुआ, जिससे देश में 240 से अधिक लोगों की जान चली गई।
विज्ञप्ति के मुताबिक, भारत से नेपालगंज लाई गई इस खेप को द्वितीय सचिव नारायण सिंह ने भारत सरकार की ओर से बांके के मुख्य जिला अधिकारी खगेंद्र प्रसाद रिजाल को सौंपा। इसमें तिरपाल, स्लीपिंग बैग, कंबल, क्लोरीन की गोलियां और पानी की बोतलें शामिल थीं। विज्ञप्ति में कहा गया कि भारत सरकार ‘‘आवश्यक वस्तुओं और दवाओं के साथ अन्य राहत सामग्री की भी व्यवस्था कर रही है, जो जल्द ही पहुंचा दी जाएगी।’’
भारत अपने पड़ोस और अन्य स्थानों पर संकट की स्थिति में सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाला देश रहा है। नेपाल में 2015 में आए भूकंप के बाद भारत सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाला देश था और उसने विदेश में अपना सबसे बड़ा आपदा राहत अभियान – ऑपरेशन मैत्री चलाया था। भारत ने नवंबर 2023 में जाजरकोट भूकंप के बाद भी सहायता की और राहत सामग्री भेजी थी।
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