भारत ने जमीन पर स्थिति को बदलने के “अवैध” प्रयास के तहत शक्सगाम घाटी में निर्माण गतिविधियों को अंजाम देने को लेकर चीन के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि शक्सगाम घाटी भारत का हिस्सा है और नयी दिल्ली ने 1963 के तथाकथित चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते को कभी स्वीकार नहीं किया, जिसके माध्यम से इस्लामाबाद ने “गैरकानूनी” रूप से इस क्षेत्र को बीजिंग को सौंपने का प्रयास किया था। जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, “हमने लगातार इसके प्रति अपनी अस्वीकृति व्यक्त की है। हमने जमीनी स्तर पर तथ्यों को बदलने के अवैध प्रयासों के खिलाफ चीनी पक्ष के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर और समृद्ध किसान' के विजन को धरातल पर तेजी से…
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में प्रधानमंत्री…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन के 26वें…
सर्वोच्च न्यायालय ने 20 से 25 जुलाई के बीच देशभर में नीट पेपर लीक मुद्दे…
भारतीय रेलवे ने गुजरात के भावनगर पारा (बीवीपी) यार्ड के पुनर्निर्माण परियोजना को लगभग 125…
भारतीय रेलवे ने पूर्वी मध्य रेलवे (ईसीआर) के समस्तीपुर डिवीजन के 21 स्टेशनों पर 233…