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भारतीय डाक ने कोट्टायम के सीएमएस कॉलेज में केरल के प्रथम आधुनिक जेन-जेड डाकघर विस्तार काउंटर का अनावरण किया

भारतीय डाक ने केरल के कोट्टायम स्थित सीएमएस कॉलेज में अपनी तरह के पहले जेन-जेड डाकघर विस्‍तार काउंटर का उद्घाटन किया। यह नई पीढ़ी के लिए आवश्यक आधुनिक डाक सेवाओं से जुडाव को परिभाषित करेगा। इस सुविधा का उद्घाटन केरल मध्य क्षेत्र के डाक निदेशक (डीपीएस) श्री एन.आर. गिरि ने किया।

‘छात्रों का, छात्रों द्वारा, छात्रों के लिए’ के ​​मूल दर्शन के साथ परिकल्पित इस पूरे स्थान की कल्पना, योजना और सह-निर्माण सीएमएस कॉलेज के छात्रों द्वारा भारतीय डाक अधिकारियों के सहयोग से किया गया, जो रचनात्मकता, स्थिरता और सेवा का एक आदर्श मिश्रण प्रस्तुत करता है।

यह डाक विस्तार काउंटर एक जीवंत, युवा, प्रकृति से ओतप्रोत स्थान है जो आंतरिक और बाहरी क्षेत्रों का सहज मिश्रण है। इसका परिणाम एक आधुनिक डाक विस्तार काउंटर है जो एक कार्य कैफ़े, एक हरित कोना और एक सामुदायिक केंद्र के रूप में कार्य करता है—और साथ ही प्रकृति के साथ सामंजस्य के कॉलेज के सिद्धांतों के प्रति भी समर्पित है।

जेन जेड डाकघर विस्‍तार काउंटर की मुख्य विशेषताएं

  • पिकनिक-टेबल शैली की व्यवस्था और एक ऊर्ध्वाधर उद्यान के साथ प्रकृति-थीम वाला बैठने का क्षेत्र, एक ताज़ा और शांत वातावरण प्रदान करता है। नवीनीकृत टायरों से बनी अतिरिक्त बैठने की व्यवस्था, स्थिरता और पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं के प्रति छात्रों कीप्रतिबद्धता को दर्शाती है।
  • लैपटॉप और मोबाइल उपकरणों के लिए चार्जिंग पॉइंट से सुसज्जित कार्य-अनुकूल काउंटर हैं।
  • मनोरंजन और विश्राम का कोना, जिसमें पुस्तकों और बोर्ड गेम्स से युक्त एक बुकशेल्फ़ है, तथा शांत चिंतन के लिए एक इनडोर रीडिंग नुक्कड़ भी है।
  • पैकेजिंग सामग्री और माईस्टाम्प प्रिंटर के साथ पूर्णतः सुसज्जित एमपीसीएम बुकिंग काउंटर, सेवा की सुगमता को बढ़ाता है।
  • कला से सुसज्जित आंतरिक भाग, जिसमें छात्रों और कर्मचारियों द्वारा निर्मित कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं, जो भारतीय डाक, कोट्टायम की सांस्कृतिक विरासत – साहित्य की भूमि, केरल की विरासत, सीएमएस कॉलेज के लोकाचार और प्रकृति से प्रेरित रूपांकनों को दर्शाती है।

यह जेन जेड शैली का विस्‍तार काउंटर सिर्फ एक कार्यात्मक सेवा केंद्र नहीं है – यह एक कार्यस्थल, बैठक स्थल, रचनात्मक केंद्र, विश्राम क्षेत्र और सामुदायिक कोना है, जो भारतीय डाक की विरासत को भविष्य में गर्व से आगे ले जा रहा है।

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