संयुक्त राष्ट्र में भारत ने गजा पट्टी में तत्काल और पूर्ण संघर्ष विराम के अपने आह्वान को दोहराया है। भारत ने बिना किसी शर्त बंधकों की रिहाई का भी आह्वान किया है। बुधवार को पश्चिम एशिया पर एक खुली बहस में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के उप-प्रतिनिधि आर0 रविन्द्र ने कहा कि कई वर्षों तक विभिन्न तरह से फिलिस्तीन को दी गई विकास सहायता संबंधी धनराशि लगभग एक सौ 20 मिलियन अमरीकी डॉलर है।
वाशिंगटन की दूत लिंडा थॉमस ग्रीनफील्ड ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा कि परिषद की मांग किये जाने के लगभग चार महीने बाद गज़ा में तत्काल संघर्ष विराम लागू करने के लिए हो रही वार्ता में प्रगति हुई है। फिलिस्तीन के दूत रियाद मंसूर ने परिषद को बताया कि गज़ा पर इस्राइल का युद्ध इतिहास का सबसे व्यापक नरसंहार है।
इस बीच संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी- यू एन आर डब्ल्यू ए के फिलिप लज़्जारिनी ने कहा कि गजा में पिछले दस दिनों में इस्राइल के हमले में विस्थापित फ़िलिस्तीनियों को आवास देने वाले कम से कम 8 स्कूलों में युद्ध के सभी नियम तोड़ दिये गये हैं।
गजा पर इस्राइल युद्ध में कम से कम 38 हजार 794 लोग मारे गये हैं और 89 हजार 364 लोग घायल हुए हैं। 7 अक्टूबर को हमास द्वारा इस्राइल पर किये गये हमले में अनुमानित एक हजार 139 लोगों की मौत हुई थी और गजा में अभी भी दर्जनों लोग बंधक बना कर रखे गये हैं।
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