संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। संयुक्त राष्ट्र की विश्व आर्थिक स्थिति और संभावना–डब्ल्यूईएसपी की छमाही रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मौजूदा वित्तीय वर्ष में 6.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है।
संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अर्थशास्त्री इंगो पिट्टेरले ने कहा है यह वृद्धि निजी क्षेत्रों के उद्यमों में होने वाली खपत और सार्वजनिक निवेश से प्रेरित है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था अगले वर्ष छह दशमलव चार प्रतिशत की दर से बढ़ेगी।
हालांकि इसके विपरीत वर्ष वैश्विक वृद्धि दर केवल दो दशमलव चार प्रतिशत रहने का अनुमान है। रिपोर्ट में मुद्रास्फीति और रोज़गार में सकारात्मक बदलाव आने का भी उल्लेख किया गया है। मुद्रास्फीति पिछले वर्ष की तुलना में 4.9 प्रतिशत से घटकर मौजूदा वर्ष में 4.3 प्रतिशत रहने की संभावना है।
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