भारत

भारत ने जिनेवा में आईटीयू परिषद 2026 में वैश्विक दूरसंचार नेतृत्व को मजबूत किया

दूरसंचार विभाग (डीओटी) के उप महानिदेशक (अंतर्राष्ट्रीय संबंध) मुकेश कुमार के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में 28 अप्रैल से 8 मई 2026 तक आयोजित अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) परिषद 2026 की बैठक में हिस्‍सा लिया।

परिषद की बैठक के दौरान दूरसंचार विभाग के प्रतिनिधिमंडल ने जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय में भारत के स्थायी प्रतिनिधि के साथ मिलकर वैश्विक दूरसंचार और डिजिटल सहयोग से संबंधित कई प्रमुख मुद्दों पर चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लिया, साथ ही डिजिटल और दूरसंचार क्षेत्र में भारत के बढ़ते नेतृत्व का प्रदर्शन भी किया।

भारत ने वर्ष 2030 में ‘आईटीयू प्‍लेनीपोटेन्शियरी सम्मेलन’ (पीपी-2030) की मेजबानी करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। आईटीयू परिषद ने भारत के इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया, जो वैश्विक दूरसंचार और डिजिटल नीति संबंधी विमर्श को आकार देने में भारत की बढ़ती भूमिका के लिए एक बडी उपलब्धि है। भारत के इस प्रस्ताव को नवंबर 2026 में दोहा में होने वाले आईटीयू प्‍लेनीपोटेन्शियरी सम्मेलन 2026 में अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना है। प्रतिनिधिमंडल ने आईटीयू की क्षेत्रीय उपस्थिति, आईटीयू की सदस्यता और आईटीयू कार्यक्रमों के आयोजन सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी अपनी बात रखी।

आईटीयू चुनावों के लिए भारत की उम्मीदवारी का मजबूती से प्रचार करते हुए भारत ने 30 अप्रैल 2026 को आईटीयू परिसर में एक ‘नेटवर्किंग रिसेप्शन’ की मेजबानी की, जिसमें 69 सदस्य देशों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के दौरान भारत ने आईटीयू परिषद के पुन: निर्वाचन और ‘रेडियो संचार ब्यूरो’ (बीआर) के निदेशक पद के लिए अपनी उम्मीदवारी पेश की। ‘रेडियो संचार ब्यूरो’ (बीआर) के निदेशक पद के लिए भारत की उम्मीदवार डॉ. रेवती मन्नेपल्ली ने रिसेप्शन के दौरान आईटीयू के रेडियो क्षेत्र से संबंधित अपना विजन प्रस्तुत किया।

परिषद की बैठक के इतर भारत की उम्मीदवारी के लिए समर्थन जुटाने और सदस्य देशों के साथ सहभागिता मजबूत करने के उद्देश्‍य से 15 द्विपक्षीय बैठकें आयोजित की गईं।

8 मई 2026 को केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने परिषद को वर्चुअली संबोधित किया और 6जी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और सतत डिजिटल परिवर्तन सहित डब्ल्यूटीएसए प्रस्तावों के कार्यान्वयन के लिए भारत के स्वैच्छिक योगदान की घोषणा की। इस योगदान से आईटीयू के कार्यों में भारत की नेतृत्‍वकारी भूमिका को और बढावा मिलने तथा वैश्विक दूरसंचार मानकीकरण एवं डिजिटल विकास पहलों में भावी अवसर सृजित होने की भी उम्मीद है।

आईटीयू परिषद के बारे में

आईटीयू परिषद अंतरराष्‍ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) के शासी निकाय के रूप में कार्य करती है और इसमें 48 निर्वाचित सदस्य देश शामिल होते हैं। संगठन की रणनीति, नीति, बजट और वित्तीय नियंत्रण की निगरानी के लिए इसकी वार्षिक बैठक जिनेवा में होती है। भारत 1952 से आईटीयू परिषद का सदस्य रहा है।

Editor

Recent Posts

सर्बानंद सोनोवाल ने पारादीप पत्तन पर ₹427.80 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री (एमओपीएसडब्लू) सर्बानंद सोनोवाल ने ओडिशा के पारादीप स्थित…

2 दिन ago

सरकार ने वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और घरेलू स्तर पर मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए 62,500 करोड़ रुपये की मोबाइल फोन विनिर्माण योजना की घोषणा की

इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने 62,500 करोड़ रुपये के बजट के साथ मोबाइल…

2 दिन ago

ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों ने जयपुर घोषणापत्र को पारित किया

भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक आज जयपुर में संपन्न हुई। इस…

2 दिन ago

CCI ने प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण में लिप्त होने के लिए एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन और एग्रो इनपुट वेलफेयर एसोसिएशन पर मौद्रिक और गैर-मौद्रिक प्रतिबंध लगाए

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई/आयोग) ने कार्टेलाइजेशन (गुटबंदी) के प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण में लिप्त होने के लिए…

2 दिन ago