भारत

भारत ने कॉमन क्राइटेरिया डेवलपमेंट बोर्ड (सीसीडीबी) का अध्यक्ष पद संभाला

भारत को कॉमन क्राइटेरिया डेवलपमेंट बोर्ड (सीसीडीबी) का अध्यक्ष बनाया गया है। अप्रैल 2026 से अप्रैल 2028 तक के लिए यह एक बड़ी ज़िम्मेदारी है जो अंतरराष्ट्रीय इंटरनेशनल सूचना प्रोद्योगिकी सुरक्षा मानक निर्धारण में देश की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। इस उच्च पद का निर्णय 14 से 16 अप्रैल 2026 के बीच टोक्यो, जापान में हुई कॉमन क्राइटेरिया रिकॉग्निशन अरेंजमेंट (सीसीआरए) की पहली तिमाही की बैठक के दौरान किया गया।

कॉमन क्राइटेरिया रिकॉग्निशन अरेंजमेंट (सीसीआरए) एक मूलभूत अंतरराष्ट्रीय समझौता है जो सीमा पार आईटी सुरक्षा प्रमाणपत्रों को आपसी मान्यता देता है। उच्च स्तरीय नीति कमेटियों के अलावा, सीसीआरए खास वर्किंग समूहों और प्रशासनिक प्रोटोकॉल के ज़रिए कार्य करता है, जिन्हें कॉमन क्राइटेरिया पोर्टल की सत्यनिष्ठा बनाए रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो दुनियाभर में प्रमाणित सुरक्षा आईटी उत्पादों के लिए “सत्य का एकल स्रोत” के तौर पर कार्य करता है।

सीसीडीबी, सीसीआरए की तकनीकी कोर के रूप में कार्य करता है, जो कॉमन क्राइटेरिया (सीसी) और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी इवैल्यूएशन (सीईएम) के लिए सामान्य कार्यप्रणाली के लिए अंतरराष्ट्रीय कार्य प्रोग्राम को संचालित करता है। जबकि दूसरे सीसीआरए समूह नीतिगत मामलों को संभालते हैं, सीसीडीबी उन तकनीकी मानकों और मूल्यांकन मानदंडों पर फोकस करता है जो ग्लोबल आईटी उत्पादों को सुरक्षित करते हैं।

भारत 16 सितंबर, 2013 से प्रमाणपत्र अधिकृत करने वाले राष्ट्र के तौर पर सीसीआरए का एक सक्रिय सदस्य रहा है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) और एसटीक्यूसी महानिदेशालय के ज़रिए कार्य करता है, जो भारत में आईटी सुरक्षा मूल्यांकन के लिए अधिकृत प्रमाणपत्र संस्था हैं।

सीसीआरए के नियमों के मुताबिक, सामान्य मानदंडों के तहत मूल्यांकित किए गए उत्पादों के लिए सदस्य देशों द्वारा जारी प्रमाणपत्रों को बिना पुनः प्रमाणीकरण के परस्पर मान्यता दी जाती है, जिससे सुरक्षित आईटी उत्पादों में बिना किसी रुकावट के इंटरनेशनल ट्रेड हो पाता है। सीसीआरए में 20 सर्टिफिकेट-ऑथराइज़िंग राष्ट्र और 18 सर्टिफिकेट-कंज्यूमिंग राष्ट्र शामिल हैं। ये देश मिलकर कॉमन क्राइटेरिया पोर्टल की सत्यनिष्ठा सुनिश्चित करते हैं, जो प्रमाणित सुरक्षित आईटी उत्पादों के लिए प्रामाणिक ग्लोबल रिपॉजिटरी के तौर पर कार्य करता है।

भारत का सीसीडीबी अध्यक्ष पद संभालना देश की तकनीकी क्षमता और ग्लोबल आईटी सुरक्षा मानकों को आगे बढ़ाने के लिए उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह लीडरशिप भूमिका भारत को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मूल्यांकन के तरीकों को तय करने में सबसे आगे रखती है और यह सुनिश्चित करती है कि उभरती प्रौद्योगिकियां, खासकर भारत के लिए ज़रूरी टेक्नोलॉजी, ग्लोबल स्टैंडर्ड्स फ्रेमवर्क में ठीक से शामिल हों। दो साल की यह अवधि भारत को दुनियाभर में आईटी सुरक्षा प्रमाणन के भविष्य को बनाने वाले ज़रूरी फैसलों पर प्रभाव डालने का अवसर प्रदान करती है।

Editor

Recent Posts

सर्बानंद सोनोवाल ने पारादीप पत्तन पर ₹427.80 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री (एमओपीएसडब्लू) सर्बानंद सोनोवाल ने ओडिशा के पारादीप स्थित…

2 दिन ago

सरकार ने वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और घरेलू स्तर पर मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए 62,500 करोड़ रुपये की मोबाइल फोन विनिर्माण योजना की घोषणा की

इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने 62,500 करोड़ रुपये के बजट के साथ मोबाइल…

2 दिन ago

ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों ने जयपुर घोषणापत्र को पारित किया

भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक आज जयपुर में संपन्न हुई। इस…

2 दिन ago

CCI ने प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण में लिप्त होने के लिए एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन और एग्रो इनपुट वेलफेयर एसोसिएशन पर मौद्रिक और गैर-मौद्रिक प्रतिबंध लगाए

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई/आयोग) ने कार्टेलाइजेशन (गुटबंदी) के प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण में लिप्त होने के लिए…

2 दिन ago