भारत ने अंतर्राष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के ढांचे में तत्काल सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कल न्यूयॉर्क में जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों से बातचीत के दौरान कहा कि संयुक्त राष्ट्र को अतीत में बंदिशों में रखा गया है और विश्व के साथ इसका विकास अवश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद अंतर्राष्ट्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने का अपना लक्ष्य पूरा करने में विफल रही है। इससे विश्व संस्था की प्रभावकारिता और विश्वसनीयता में कमी आई है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ की आवाज को समुचित महत्व मिलना चाहिए।
डॉ. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र में तत्काल सुधार लाने की आवश्यकता बल पर दिया ताकि इस संगठन को प्रतिनिधित्व पूर्ण, भरोसेमंद और कारगर बनाया जा सके। डॉ. जयशंकर ने कहा कि सुरक्षा परिषद के स्थाई और निर्वाचित दोनों तरह के सदस्यों का विस्तार किया जाना चाहिए। प्रमुख विकसित और विकासशील देशों के संगठन जी-20 के मंत्रियों की बैठक संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन से अलग आयोजित की गई थी।
पर्यटन मंत्रालय ने आज गूगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर…
नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) ने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के…
पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम जनरल धीरज सेठ ने 31वें सेना प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज ‘हुल दिवस’ के अवसर पर विदेशी शासन के अन्याय का…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज विजयनगरम, आंध्र प्रदेश में केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, आंध्र प्रदेश के प्रथम…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि “विकसित भारत” केवल आर्थिक विकास का लक्ष्य नहीं,…