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वायु सेना ने जम्मू और पंजाब के उत्‍तरी इलाकों में व्यापक राहत और बचाव अभियान शुरू किया

वायुसेना ने जम्मू क्षेत्र और उत्तरी पंजाब में बढ़ते जलस्तर और विनाशकारी बाढ़ को देखते हुए व्यापक राहत और बचाव अभियान शुरू किया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वायुसेना ने पीड़ितों की सहायता के लिए हेलीकॉप्टर बेड़े, परिवहन विमान और वायुसेना के अन्य संसाधन तैनात किए हैं।

भारतीय वायु सेना ने जम्मू क्षेत्र व उत्तरी पंजाब में लगातार बारिश के कारण बढ़ते जल स्तर और विनाशकारी बाढ़ की स्थिति में व्यापक राहत एवं बचाव अभियान संचालित करके राष्ट्रीय सेवा के प्रति अपनी वचनबद्धता को प्रदर्शित किया है।

भारतीय वायुसेना के जहाजों और हेलीकॉप्टर बेड़े की तीव्र तैनाती’

  • हेलीकॉप्टर बेड़ा कार्रवाई में: उत्तरी क्षेत्र में निकटवर्ती ठिकानों से पांच एमआई-17 हेलीकॉप्टर और एक चिनूक हेलीकॉप्टर को तुरंत सेवा में लगाया गया, जिससे अधिकतम राहत क्षमता और परिचालन पहुंच सुनिश्चित हुई। बचाव कार्य में शामिल होने के लिए अतिरिक्त हेलीकॉप्टर भी तैयार रखे गए हैं।
  • परिवहन विमान सहायता: राहत और बचाव सामग्री से लदा भारतीय वायुसेना का सी-130 परिवहन विमान, एनडीआरएफ टीम के साथ इस क्षेत्र में चल रहे बचाव कार्यों हेतु महत्वपूर्ण आपूर्ति और प्रशिक्षित कर्मियों को पहुंचाने के लिए जम्मू आया हुआ है। बचाव कार्य में इस्तेमाल किये जाने के लिए अतिरिक्त परिवहन विमान तैयार रखे गए हैं।

बचाव अभियान

  • अखनूर क्षेत्र, जम्मू: समन्वय एवं दक्षता का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए सेना के 12 जवानों और 3 बीएसएफ महिला कांस्टेबलों सहित 11 बीएसएफ कर्मियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। भारतीय वायुसेना चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सशस्त्र बल कर्मियों की सुरक्षा के हेतु प्रतिबद्ध है।
  • पठानकोट क्षेत्र, पंजाब: भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने बाढ़ का पानी बढ़ने पर 46 फंसे हुए नागरिकों को सफलतापूर्वक निकाला है। इसके अलावा, स्थानीय समुदायों की सहायता के लिए 750 किलोग्राम से अधिक आवश्यक राहत सामग्री हवाई मार्ग से पहुंचाई गई है।

डेरा बाबा नानक क्षेत्र: एक उच्च जोखिम वाले ऑपरेशन में, 38 सैन्य कर्मियों और 10 बीएसएफ कर्मियों को गंभीर रूप से प्रभावित डेरा बाबा नानक क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाला गया, जो खतरनाक परिस्थितियों में भी भारतीय वायुसेना की त्वरित प्रतिक्रिया और कार्य कुशलता को दर्शाता है। अन्य फंसे हुए कर्मियों को बचाने के लिए अतिरिक्त मिशन जारी है।

भारतीय वायु सेना की त्वरित कार्रवाई, सेना, बीएसएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय अधिकारियों के साथ घनिष्ठ सहयोग से अनगिनत लोगों की जान बचाने तथा सबसे अधिक प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में सहायक रही है। उन्नत वायु संसाधनों व अत्यधिक कुशल कर्मचारियों की तैनाती ने चरम मौसम के बीच भी त्वरित, सुरक्षित निकासी और सहायता की कुशल आपूर्ति सुनिश्चित की है।

भारतीय वायुसेना स्थिति पर नजर रखे हुए है और आवश्यकता के अनुसार आगे भी अभियान संचालित करने के लिए तैयार है। यह कार्रवाई प्राकृतिक आपदा के समय राष्ट्र और भारतीय नागरिकों के प्रति अपनी अटूट वचनबद्धता की पुष्टि करती है।

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