Defence News

भारतीय सेना ने अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए ‘एकलव्य’ ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया

थल सेना प्रमुख (सीओएएस) जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने आज भारतीय सेना के लिए “एकलव्य” नामक एक ऑनलाइन शिक्षण मंच का शुभारंभ किया। यह पहल भारतीय सेना द्वारा स्वयं को “परिवर्तन के दशक” में आगे बढ़ाने के साथ श्रेणीबद्ध है और यह सेनाध्यक्ष द्वारा परिकल्पित भी है। इसके साथ ही यह 2024 के लिए भारतीय सेना की विषय-वस्तु “प्रौद्योगिकी समावेशन का वर्ष” के अनुरूप है।

एकलव्य सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म को सेना प्रशिक्षण कमान मुख्यालय के तत्वावधान में विकसित किया गया है, जिसमें प्रायोजक एजेंसी आर्मी वॉर कॉलेज है। इस प्लेटफॉर्म को गांधीनगर स्थित “भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू सूचना विज्ञान संस्थान” (बीआईएसएजी-एन) द्वारा शून्य लागत पर विकसित किया गया है और साथ ही इसे सूचना प्रणाली महानिदेशालय का भी सहयोग प्राप्त हुआ है।

इस प्लेटफॉर्म को आर्मी डेटा नेटवर्क पर होस्ट किया गया है और इसमें एक स्केलेबल आर्किटेक्चर है। यह मुख्यालय आर्मी ट्रेनिंग कमांड को भारतीय सेना के किसी भी प्रशिक्षण प्रतिष्ठान को सहजता से एकीकृत करने में सक्षम बनाता है, जिनमें से प्रत्येक व्यापक श्रेणी के पाठ्यक्रमों की मेजबानी करने में सक्षम है। इसमें अध्ययनरत अधिकारियों को एक साथ कई पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकरण करने की अनुमति है। भारतीय सेना के 17 श्रेणी ‘ए’ प्रशिक्षण प्रतिष्ठानों द्वारा कुल 96 पाठ्यक्रम पहले ही इस प्लेटफॉर्म पर होस्ट किए जा चुके हैं।

एकलव्य प्लेटफॉर्म पर पाठ्यक्रमों की तीन श्रेणियां हैं। पहली श्रेणी ‘प्री-कोर्स प्रिपरेटरी कैप्सूल’ है, जिसमें विभिन्न श्रेणी ‘ए’ प्रशिक्षण प्रतिष्ठानों में आयोजित किए जा रहे सभी ऑफलाइन पाठ्यक्रमों के लिए अध्ययन सामग्री है। इसका उद्देश्य ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में “मूल बातें” स्थानांतरित करना है, ताकि दस्तावेजी पाठ्यक्रमों में “अनुप्रयोग भाग” पर ध्यान केंद्रित करते हुए अधिक से अधिक समकालीन विषय-वस्तु उपलब्ध हो। इससे मौजूदा पाठ्यक्रमों की संख्या कम करने में मदद मिलेगी और साथ ही युद्ध के बदलते स्वरूप के अनुसार उभरती अवधारणाओं को जोड़ने के लिए समय भी मिलेगा। इसका एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि छात्र अपनी सेवा के किसी भी बिंदु पर किसी भी पाठ्यक्रम के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। यानी ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकरण को दस्तावेजी पाठ्यक्रमों में नामांकन से अलग कर दिया गया है।

पाठ्यक्रमों की दूसरी श्रेणी “नियुक्ति या विशिष्ट असाइनमेंट-संबंधी पाठ्यक्रम” हैं। कुछ विशेषज्ञ नियुक्तियों पर तैनात होने वाले अधिकारियों को कार्यस्थल पर प्रशिक्षण (ओजेटी) प्राप्त करके कौशल सीखना पड़ता है और इस प्रक्रिया के माध्यम से उन नियुक्तियों में पूर्ण दक्षता के साथ कार्य करने के लिए उन्हें एक निश्चित समय लगता है। ऐसी कुछ नियुक्तियां सूचना युद्ध, रक्षा भूमि प्रबंधन, वित्तीय योजना, अनुशासन एवं सतर्कता, निर्माण, अध्यक्षता, भूतपूर्व सैनिकों के मुद्दों पर ध्यान देने आदि के क्षेत्र में हैं। इसलिए, इन अधिकारियों के लिए यह लाभदायक होगा कि वे अपनी पोस्टिंग ऑर्डर प्राप्त करते ही संबंधित डोमेन में ऑनलाइन कैप्सूल कोर्स करें। इस श्रेणी के कोर्स से अधिकारियों को अपनी पसंद के क्षेत्र में डोमेन विशेषज्ञता प्राप्त करने में भी सहायता मिलेगी और उन्हें रोजगार नियोजन में अधिक मदद मिलेगी।

पाठ्यक्रमों की तीसरी श्रेणी “प्रोफेशनल डेवलपमेंट सूट” है, जिसमें रणनीति, परिचालन कला, नेतृत्व, संगठनात्मक व्यवहार, वित्त, पढ़ने की कला, पावर राइटिंग, उभरती प्रौद्योगिकी आदि पर पाठ्यक्रम शामिल हैं।

एकलव्य प्लेटफार्म में खोज योग्य “नॉलेज हाईवे” की कार्यक्षमता भी है, जिसमें विभिन्न पत्रिकाएं, शोध पत्र और लेख आदि एक ही विंडो के अंतर्गत अपलोड किए जाते हैं। यह मंच अधिकारियों में सतत व्यावसायिक सैन्य शिक्षा को प्रोत्साहित करने, मौजूदा शारीरिक पाठ्यक्रम को समृद्ध बनाने, विशेषज्ञ नियुक्तियों के लिए अधिकारियों को तैयार करने और डोमेन विशेषज्ञता को प्रोत्साहित करने में एक लंबा मार्ग तय करेगा।

Editor

Recent Posts

भारतीय रेल ने अक्टूबर 2026 में 145.07 मिलियन टन माल ढुलाई की

भारतीय रेलवे ने अक्टूबर 2026 के दौरान अपना शानदार परिचालन प्रदर्शन जारी रखा और माल…

7 मिनट ago

केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने पोलैंड में उच्चस्तरीय बैठकें कीं; AI, सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर हुई बात

वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने 12 भारतीय…

9 मिनट ago

DRDO ने ओडिशा के चांदीपुर से सतह से सतह पर मार करने वाली क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल प्रलय का सफल परीक्षण किया

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन-डीआरडीओ ने कल ओडिशा के चांदीपुर एकीकृत परीक्षण केंद्र से स्वदेशी…

6 घंटे ago

सरकार ने देश की स्वदेशी एआई क्षमताओं को मजबूत करने के लिए इंडिया एआई मिशन के अंतर्गत 3 नए स्वदेशी एआई फाउंडेशन मॉडल लॉन्च किए

भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई के क्षेत्र में एक बड़ी पहल की है। सरकार ने कल…

7 घंटे ago

NHRC ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती जिलों से महाराष्ट्र के शहरों में बालिकाओं की बिक्री और तस्करी की खबरों पर स्वत: संज्ञान लिया

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया में प्रकाशित उस खबर पर संज्ञान लिया है, जिसमें…

19 घंटे ago